प्रदेश की राहत आयुक्त एवं सचिव लीना जौहरी द्वारा जिलाधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि कुल 340 तहसील हैं, प्रति तहसील 5 लाख रुपये के हिसाब से 17 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।
राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों से कहा है कि ठंड में किसी गरीब की मौत भोजन, वस्त्र, आश्रय एवं दवा के अभाव में न हो। उधर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग ने एक शासनादेश जारी कर कहा कि राज्य हथकरघा निगम, यूपिका, उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्त पोषित तथा प्रमाणित संस्थाओं को खादी आश्रम, हस्तशिल्प विकास एवं विपणन निगम के माध्यम से कंबल आदि खरीदे जाएंगे।
सहारनपुर की पांच तहसीलों को 27,50,000, मुजफ्फरनगर की चार तहसीलों को 22 लाख, शामली की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, मेरठ की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, हापुड़ की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, गाजियाबाद की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, बुलंदशहर की सात तहसीलों को 38 लाख 50 हजार, गौतमबुद्धनगर की 16 लाख 50 हजार, बागपत की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, आगरा की छह तहसीलों को 33 लाख की व्यवस्था की गई है।
मथुरा की पांच तहसीलों को 27 लाख 50 हजार, फिरोजाबाद की पांच तहसीलों को 27 लाख 50 हजार, मैनपुरी की पांच तहसीलों को 27 लाख 50 हजार, अलीगढ़ की पांच तहसीलों को 27 लाख 50 हजार, एटा की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, बरेली की छह तहसीलों को 33 लाख रुपए, बदायूं की पांच तहसीलों को 27 लाख 50 हजार, शाहजहांपुर की चार तहसीलों को 22 लाख, पीलीभीत की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, रामपुर की छह तहसीलों को 33 लाख, बिजनौर की पांच तहसीलों को 37 लाख 50 हजार, संभल की तीन तहसीलों को 16 लाख 50 हजार, कानपुर नगर की चार तहसीलों को 22 लाख समेत समस्त तहसीलों को 17 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
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