लखनऊ , 19 दिसंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार तथा टाटा ट्रस्ट शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यो में दीर्घकालिक भागीदारी निभाएंगे। इस सहभागिता को मूर्त रूप देने के मकसद से राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट्स के बीच यहां 21 दिसंबर को एक बहुउद्देशीय ‘सहमति पत्र’ पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा भी मौजूद रहेंगे।
राज्य सरकार ने एक बयान जारी कर शनिवार को बताया कि गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, आय में बढ़ोत्तरी तथा अवस्थापना विकास के जरिए समाज के गरीब और कमजोर वर्गो को सशक्त बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों में टाटा ट्रस्ट्स द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यो के सुचारु संचालन एवं प्रभावी अनुश्रवण के लिए एक संयुक्त राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी गठित की जाएगी। इस कमेटी में प्रदेश सरकार और टाटा ट्रस्ट्स के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बयान के मुताबिक, प्रदेश सरकार और टाटा ट्रस्ट्स जिन क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। उनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य भी शामिल है। माताओं एवं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण कार्यक्रम तैयार कर उसे लागू किया जाएगा। महिलाओं में खून की कमी को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बयान में बताया गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य तंत्र की मदद से शुरुआती चरण में ही कैंसर का पता चल जाए, इसके लिए एक प्रणाली विकसित कर लागू की जाएगी। साथ ही, कैंसर रजिस्ट्री भी तैयार की जाएगी। लोगों के रहन-सहन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट्स गुणवत्तापरक शिक्षा तथा रोजगारपरक प्रशिक्षण के क्षेत्रों में भी मिलकर कार्य करेंगे।
फसलों का सुरक्षित भंडारण, कृषि विपणन, लघु सिंचाई प्रणाली को प्रोत्साहन, उन्नत प्रजातियों के बीजों के विकास सहित दूध, मैंथा, लहसुन, प्याज मक्का, दालों, केला, आलू आदि के लिए वैल्यू चेन का विकास भी एमओयू के दायरे में शामिल होगा।
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