सुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव का दर्शन करने के लिए भक्त लंबी-लंबी कतारों में खड़े थे। राजधानी के मनकामेश्वर, कोनेश्वर, भूतनाथ मंदिर, बुद्धेश्वर, राजेंद्र नगर में महाकाल मंदिर, द्वादश ज्योतिर्लिग छोटा-बड़ा शिवालय सहित सभी शिवालयों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी।
राजधानी के डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में रविवार को देर रात तक तैयारियां चलती रहीं। मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार पर 11 क्विंटल फूलों से बाबा का श्रंगार और मंदिर की सजावट की गई। यहां हजारों की संख्या में भक्तों ने दूध और जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया।
उन्होंने बताया कि जो भक्त 40 दिन तक मंदिर आकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करता है, उसकी कामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि यहां विवाह की मनोकामना को लेकर काफी संख्या में भक्त आते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी भी होती हैं।
वहीं सदर बाजार स्थित द्वादश ज्योर्तिलिंग धाम में सावन के दूसरे सोमवार पर 251 कमल के फूलों से भोलेनाथ का श्रंगार किया गया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि मंदिर सुबह पांच बजे खुला गया, पर श्रद्धालुओं की भीड़ तड़के तीन बजे से आनी शुरू हो गई। भक्तों ने सभी ज्योर्तिलिंगों पर गंगाजल से अभिषेक किया।
चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मंदिर में भी भोलेनाथ का श्रंगार और रुद्राभिषेक हुआ। वहीं महामंगलेश्वर महादेव मंदिर को गेंदा, गुलाब, चांदनी आदि फूलों से सजाया गया।
बाराबंकी में लोधेश्वर महादेव, अयोध्या में नागेश्वर नाथ व क्षीरेश्वर नाथ, गोंडा के खरगूपुर में बाबा पृथ्वीनाथ सहित अन्य जिलों के शिवालयों में भी दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
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