आयोजक अमरनाथ मिश्र ने गुरुवार को बताया कि ऐशबाग के बड़े सभागार में इस अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।
प्रमुख आचार्य शिवशंकर पांडेय ने बताया कि रूद्राभिषेक करने की प्रमुख तिथियां कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, चतुर्थी, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, द्वादशी, अमावस्या आदि है।
उन्होंने कहा कि शिवपूजन से गृहकलेश, कालसर्प योग, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में रुकावट व सभी कार्यों की सिद्धि के लिए यह फलदायक है।
हरीशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि 27 चौकियों में से 25 चौकियां पूर्व से ही यजमानों के लिए आरक्षित रहती है और शेष दो पर कोई भी जनमानस शिवपूजा कर सकता है।
विनोद माहेश्वरी ने कहा कि रुद्राभिषेक के बाद दोपहर में भक्तों के बीच प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।
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