खोजबीन के बाद जब दिनेश का पता नहीं चल सका तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद से खुलासा में लगे जाफरगंज थानाध्यक्ष अंजन सिंह समेत क्राइम ब्रांच की टीम को भी कोई सफलता नहीं मिल पा रही थी।
इस बीच हमीरपुर से कानपुर जाने वाले मार्ग पर अपहर्ता दिनेश को बस में बिठाकर ले जा रहे थे। रास्ते में चेकिंग के दौरान रोडवेज की बस धीमी हुई। पुलिस को देख एक अपहर्ता बस से कूदकर पुलिस के पास पहुंच गया। उसने पूरी घटना बताई। पुलिस की सूचना पर कानपुर पहुंचे थानाध्यक्ष अपहृत युवक को थाना ले आए।
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि पूछताछ में दिनेश ने बताया कि उसके गांव के ही शिव सिंह उर्फ पप्पू ने अपने अपराधी साथी रामभवन एवं मोहन के साथ अपहरण एवं लूट की योजना बनाई। लूटे गए ट्रैक्टर को बेचने की बात उसने मोहन कुमार मिश्र व छेद्दू केवट से की।
अपहर्ताओं ने ट्रैक्टर लूटने के साथ ही दिनेश का मोबाइल, डायरी व रुपये लूट लिए। घटना को अंजाम देने के बाद उसे शराब पिलाकर नशे की हालत में रखकर लगातार मारापीटा जाता रहा। अपहृत का ट्रैक्टर नं. यूपी 71बी-1205 ट्राली सहित बछरावां में बैगन आर गाड़ी नं. यूपी 43 वाई-4141 से आए सूर्यचरण उर्फ जीजा को दे दिया गया।
अभियुक्तों से तय एक लाख रुपये में से जीजा ने पांच हजार रुपये पप्पू को दिया। शेष 95 हजार रुपये बाद में मनोज व छेद्दू केवट के माध्यम से देने की बात कही।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, अपहर्ताओं ने दिनेश को भरूवा सुमेरपुर में स्टेशन के पास एक किराये के मकान में बंधक बनाकर रखा। वे अपहृत की हत्या करने के लिए उसे कानपुर की ओर ले जा रहे थे।
उधर, पप्पू अपने सहयोगी मनोज कुमार मिश्रा के साथ उन्नाव से चौड़गरा की तरफ से ट्रैक्टर को पहुंचाने जा रहा था, तभी चौड़गरा से शिवराजपरु जाने वाली सड़क पर दो किलोमीटर पहले दोनों को ट्राली सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
dharmpath.com dharmpath