नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। उबेर दुष्कर्म मामले की जांच अधिकारी ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत से कहा कि पीड़िता ने आरोपी को बीते साल दिसंबर में तब पहचान लिया था, जब वह अपना बयान दर्ज कराने एक अदालत पहुंची थी।
मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में गवाही देने पहुंची महिला उप निरीक्षक रेणु ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा से कहा कि पीड़िता ने आरोपी शिव कुमार यादव को अदालत कक्ष के बाहर पहचान लिया था।
यह वाकया तीसहजारी अदालत में तब हुआ, जब पीड़िता अदालत कक्ष संख्या 247 में महानगर दंडाधिकारी रिया गुहा के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने पहुंची थी। इसी दौरान अदालत कक्ष संख्या 264 से यादव महानगर दंडाधिकारी अंबिका सिंह के समक्ष पेश होकर बाहर निकल रहा था। इसी दौरान दोनों का आमना-सामना हो गया।
यादव को सात दिसंबर को गिरफ्तार करने के बाद उसके चेहरे को ढंककर आठ दिसंबर को अदालत में पेश किया गया था। उसने पहचान परेड कराने से इंकार कर दिया था। अदालत कक्ष से बाहर निकलते समय उसने यह कहकर अपना मफलर हटा लिया था कि उसका दम घुट रहा है।
इसी वक्त एक अन्य अदालत कक्ष से बाहर निकल रही पीड़िता से उसका सामना हो गया और उसने उसे पहचान लिया।
मामले की सुनवाई रोजाना आधार पर हो रही है।
उल्लेखनीय है कि उबेर कैब कंपनी के चालक शिव कुमार यादव ने कथित तौर पर महिला यात्री के साथ पांच दिसंबर, 2014 को टैक्सी में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
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