उमर ने विश्वविद्यालयों में तिरंगा फहराने के निर्णय की आलोचना की

श्रीनगर, 19 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश के सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराने के केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के निर्देश की शुक्रवार को आलोचना की।

एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में गुरुवार को लिए गए निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उमर ने ट्विटर पर लिखा, “यदि अलगाव की भावना दूर करने के लिए झंडा फहराना ही एकमात्र उपाय होता तो कश्मीर और पूर्वोत्तर की समस्याएं दशकों पहले ही सुलझ चुकी होतीं।”

अब्दुल्ला ने हालांकि कहा कि वह फैसले के खिलाफ नहीं हैं, क्योंकि यह विभिन्न विश्वविद्यालयों में उठ रही अलगाववादी भावनाओं को दूर करने का एक नया तरीका प्रतीत हो रहा है।

उमर ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “मैं नए उपायों के पक्ष में हूं, लेकिन हमें अपने आपको यह दिलासा नहीं देना चाहिए कि एचआरडी मंत्रालय के इस निर्देश से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) या जाधवपुर में सुने गए नारे बंद हो जाएंगे।”

उल्लेखनीय है कि अब्दुल्ला के पिता फारुख अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा था कि जेएनयू की समस्या को विश्वविद्यालय के कुलपति को हल करना चाहिए था और इसे विश्वविद्यालय परिसर से बाहर नहीं उछाला जाना चाहिए था।

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