रांची, 9 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने झारखंड के साहिबगंज जिले में सोमवार को नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नौ परियोजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं के तहत गंगा नदी को जिले में स्वच्छ बनाने और संरक्षित करने का काम किया जाएगा।
नमामि गंगे कार्यक्रम की घोषणा सबसे पहले वर्ष 2014 की जुलाई में केंद्र सरकार ने की थी। इसके तहत कृषि और मानव अपशिष्ठ को गंगा में प्रवाहित होने से रोकना था।
इस कार्यक्रम को झारखंड सहित कई राज्यों में लागू किया जाना है। इसके लिए 2037 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत झारखंड के सीमा क्षेत्र में पड़ने वाला गंगा का 83 किलोमीटर क्षेत्र आता है।
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्री उमा भारती ने कहा, “इन परियोजनाओं के तहत नदी से लगे सभी 78 गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने पर जोर दिया जाएगा।”
ये परियोजनाएं ठोस एवं तरल अपशिष्ठ के प्रबंधन के लिए उचित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने का भी काम करेंगी ताकि बेहतर पहुंच, दीर्घकालिक इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे का रखरखाव सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य झारखंड में गंगा नदी के किनारे के 78 गांवों के करीब 45 हजार घरों के लोगों का स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि नष्ट होने वाले ठोस अपशिष्ठ को एकत्र करने, रखने और उन्हें खाद बनाने और वैसी चीजों के लिए जो स्वाभाविक तरीके से सड़ने वाली नहीं हैं, उनके लिए छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए परियोजना से जुड़े ग्रामों में 78 इकाईयां स्थापित की जाएंगी।
भारती ने कहा कि 5460 परिवारों को पशु और कृषि अपशिष्ठ से खाद बनाने की सुविधा अपनाने के लिए सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर आठ शवदाह गृह, नहाने के लिए 32 घाट और 40 सामुदायिक शौचालय भी बनाए जाएंगे।
इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास भी मौजूद थे।
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