कोलकाता, 2 जून (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर ने शुक्रवार को कहा कि उसने एंबुलेंस में लाए जा रहे मरीजों की स्थिति पर दूर से निगरानी रखने के लिए वायरलेस प्रौद्योगिकी विकसित की है।
इस प्रौद्योगिकी का विकास कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग (सीएसई) विभाग के ‘सावन’ लैब में किया गया है। इसका नाम ‘एंबुसेंस’ रखा गया है।
संस्थान के एक बयान में कहा गया है, “एंबुसेंस कई तरह की शारीरिक क्रियाओं के मानदंडों जैसे ईसीजी, हर्ट रेट, तापमान और रक्तचाप पर वायरलेस निगरानी रखने में सक्षम है। इसे एक एंबुलेंस में मरीज की स्थिति पर नजर रखने के लिए लगाया जा सकता है। इस तरह से उन पर अस्पताल पहुंचने से पहले निगरानी रखी जा सकती है।”
इस प्रणाली में क्लाउड कंप्यूटिंग की विश्लेषणात्मक और कंप्यूटिंग पॉवर का इस्तेमाल करके मरीज के डाटा की गोपनीयता को भी सुरक्षित रखा जाता है।
एंबुसेंस प्रणाली का वेब इंटरफेस चिकित्सकों को ग्राफिक्स आधारित सूचनाएं देने में मददगार है। इसे इंटरनेट से जुड़े लैपटॉप, टैबलेट व स्मार्टफोन पर भी प्राप्त किया जा सकता है।
इस प्रणाली के विकास में प्रमुख शोधकर्ता आईआईटी खड़गपुर के सीएसई विभाग के प्रोफेसर सुदीप मिश्रा ने कहा, “अब तक गतिशील रहने के दौरान मरीज की हालत पर निगरानी रखने के लिए इस तरह की कोई प्रौद्योगिकी नहीं है। यह प्रौद्योगिकी रेफर किए गए मरीजों के लिए वरदान होगी, जिन्हें दूरदराज के इलाकों से शहर के अस्पताल में स्थानांतरित किया जाता है।”
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