वाशिंगटन-करीब एक महीने बाद अमेरिका ने सोमवार को फिर ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर फिर हमला कर दिया है. ईरानी मीडिया का दावा है कि ईरान ने अब अमेरिकी हमले का जवाब दे दिया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी हमले के जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया है. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि ईरान के इस हमले का कोई असर नहीं हुआ है. सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट कर ली गई थीं. इस हमले के थोड़ी देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक एआई वीडियो पोस्ट किया और लिखा, ईरान के खार्ग द्वीप को तबाह किया जा रहा है.
वॉशिंगटन का कहना है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की धमकी दे रहा था. इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जो जून से काफी हद तक शांत था.
एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया आउटलेट Axios को बताया कि अमेरिकी सेना ने लराक द्वीप पर ईरान के दो लॉन्चरों को निशाना बनाया, क्योंकि IRGC की सेनाओं को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें ले जाने वाले रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते देखा गया था. अधिकारी ने आगे कहा कि अमेरिकी सेना इलाके पर बारीकी से नज़र रख रही है और जलडमरूमध्य से व्यापार के निर्बाध प्रवाह की रक्षा के लिए तैयार है.
जुलाई के आखिर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से स्ट्रेट से जुड़े दो हफ़्ते के अमेरिकी सैन्य अभियान को रोकने के बाद, लराक पर हुआ यह हमला ईरान के अंदर अमेरिका का पहला ज्ञात हमला था.
dharmpath.com dharmpath