एक शानदार क्रिकेट खिलाड़ी और प्रेरेणादायक लीडर थे राजिंदर पाल (श्रृद्धांजलि)

नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। पूर्व दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी रजिंदर पाल का बुधवार रात को देहरादून में निधन हो गया है। उनका कहना था कि जिस तरह उनसे बर्ताव किया गया वैसा बर्ताव किसी भी क्रिकेट खिलाड़ी से नहीं किया जाना चाहिए। वह हमेशा काबिल खिलाड़ी के लिए संघर्ष करने वाले शख्स थे।

नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। पूर्व दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी रजिंदर पाल का बुधवार रात को देहरादून में निधन हो गया है। उनका कहना था कि जिस तरह उनसे बर्ताव किया गया वैसा बर्ताव किसी भी क्रिकेट खिलाड़ी से नहीं किया जाना चाहिए। वह हमेशा काबिल खिलाड़ी के लिए संघर्ष करने वाले शख्स थे।

एक शानदार खिलाड़ी होने के साथ ही वो प्रेरेणादायक लीडर भी थे।

अपने दोस्तों में वो ‘पाली’ के नाम से जाने जाते थे। वो उस दौर में देश के लिए एक टेस्ट मैच खेले थे जब स्पिनर शुरुआत में दूसरे छोर से गेंदबाजी की बागडोर संभालते थे।

उन्होंने माइक स्मिथ की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम के खिलाफ एक मात्र टेस्ट मैच खेला था और एम.एल. जयसिम्हा के साथ नई गेंद संभाली थी। उस मैच में भगवत चंद्रशेकर ने पदार्पण किया था और 40 ओवरों में चार विकेट अपने नाम किए थे। उसी मैच में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज सलीम दुर्रानी ने 38 ओवरों में तीन विकेट लिए थे। टीम के नियमित स्पिन गेंदबाज चंदू बोर्डे ने 34 ओवर फेंके थे।

पाली ने ब्राबोर्न स्टेडियम में खेले गए उस मैच की पहली पारी में 11 ओवर और दूसरी पारी में दो ओवर फेंके थे।

इस मैच के बाद उन्होंने जाहिर तौर पर इस बात की शिकायत की थी कि उन्हें कम ओवर फेंकने को मिले।

दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से खेलने के बाद वह एक बार फिर लौट के फिरोजशाह कोटला आ गए जहां वो काफी दिनों तक पिच क्यूरेटर रहे।

कुछ दिनों के बाद वह देहरादून चले गए। वहां भी उन्होंने आराम नहीं किया और उत्तराखंड़ क्रिकेट बोर्ड को पहचान दिलाने के लिए संघर्ष करते रहे। उनके पास हमेशा एक फाइल होती थी जिसमें तमाम तरीके के कागजात रहते थे।

उनको इस बात का अफसोस था कि उत्तराखंड के प्रतिभाशाली क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिल रहा है।

उन्हें सिर्फ क्रिकेट से प्यार नहीं था बल्कि वो एक खेल प्रेमी थे। वह स्टेट बैंक ऑफ पटियाल में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर रहे और उन्होंने दिल्ली स्टेट टेबिल टेनिस लीग में अपनी टीम उतारी। वह खुद तालकटोरा स्टेडियम में मैचों के दौरान खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई के लिए मौजूद रहते थे।

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