विजयवाड़ा, 12 फरवरी (आईएएनएस)। आम लोगों से अवैध रूप से धन जमा करने के आरोपी एग्रीगोल्ड कंपनी के अध्यक्ष ए.वेंकट रामा राव और प्रबंध निदेशक ए.वी.एस. नारायण राव को शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विजयवाड़ा, 12 फरवरी (आईएएनएस)। आम लोगों से अवैध रूप से धन जमा करने के आरोपी एग्रीगोल्ड कंपनी के अध्यक्ष ए.वेंकट रामा राव और प्रबंध निदेशक ए.वी.एस. नारायण राव को शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने इन दोनों को गुरुवार रात को गिरफ्तार किया था। इन्हें पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु की द्वितीय अतिरिक्त महानगर अदालत में पेश किया गया।
जमाकर्ताओं के एक समूह ने उस पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की जिसमें इन दोनों लोगों को ले जाया जा रहा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाया।
एग्रीगोल्ड फार्म एस्टेट इंडिया ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और अन्य राज्यों के जमाकर्ताओं से बिना किसी वैधानिक मंजूरी के करीब 7000 करोड़ रुपये जमा किए थे। इस कंपनी में करीब 32 लाख लोगों ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाई थी।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हैदराबाद स्थित उच्च न्यायालय न्यायाधिकरण (हाई कोर्ट आफ जुडीकेचर) ने कुछ दिन पहले मामले की जांच में ढिलाई और कंपनी अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाने के लिए सीआईडी को लताड़ लगाई थी। उच्च न्यायालय ने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की चेतावनी भी दी थी।
उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई होने से कुछ समय पहले इन दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। उच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
एग्रीगोल्ड प्रबंधन ने अदालत को अपनी संपत्ति की सूची सौंपी है। इन संपत्तियों की नीलामी के लिए अदालत द्वारा गठित न्यायिक समिति शुक्रवार शाम को अपनी बैठक करने जा रही है।
राज्य सरकार ने दो साल पहले मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंपा था। जांच में देरी होने पर जमाकर्ताओं की संस्था तेलंगाना एग्रीगोल्ड कस्टमर्स एंड एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अदालत में याचिका दायर कर मामले की जांच सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की थी।
dharmpath.com dharmpath