नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई एक बैठक में पुरानी कंपनी नेशनल इंस्ट्रमेंट्स लिमिटेड (एनआईएल) की जमीन और भवन का एक हिस्सा लंबे समय के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को दिए जाने को मंजूरी दे दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भूमि का हस्तांतरण पश्चिम बंगाल के जाधवपुर विश्वविद्यालय से एक रक्षा अनुसंधान केंद्र के निर्माण के लिए किया जाएगा। केंद्र का नाम जगदीश चंद्र बसु सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्न ोलॉजी (जेसीबीसीएटी) होगा।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
बयान में कहा गया है कि केंद्र की स्थापना के लिए एनआईएल के जमीन और भवन के एक हिस्से का हस्तांतरण काफी लाभदायक रहेगा, क्योंकि शोध एवं विकास से इस रणनीतिक क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटेगी।
एलआईएल केंद्र सरकार की कंपनी थी, जिसका संचालन भारी उद्योग विभाग करता था। कंपनी की माली हालत खराब हो जाने से उसकी संपत्ति, देनदारी और श्रम शक्ति को जाधवपुर विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया गया और कंपनी को बीमार घोषित कर दिया गया।
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