नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों द्वारा अमेरिकी कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गडकरी ने कहा कि कथित रिश्वतखोरी कांग्रेस के शासनकाल में हुई तथा उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
आरोप है कि एनएचएआई के कुछ अधिकारियों ने 2011 से 2015 के दौरान अमेरिकी कंपनी सीडीएम स्मिथ से रिश्वत ली।
इससे पहले एनएचएआई ने एक बयान में कहा था कि अधिकारियों द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेने के बारे में मीडिया में प्रसारित खबरों पर कार्रवाई करते हुए उसने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
एनएचएआई ने कहा, “मीडिया में खबर आई है कि अमेरिकी कंपनी मैसर्स सीडीएम स्मिथ इंक ने कथित रूप से यह स्वीकार किया है कि उसने 2011 से 2015 की अवधि में एनएचएआई के अधिकारियों को रिश्वत दी। मैसर्स सीडीएम स्मिथ इंक भारत में कुछ समय से सड़क क्षेत्र में काम कर रही थी। लेकिन 2015 में उसे तीन महीने के लिए एनएचएआई परियोजनाओं में आगे बोली लगाने से प्रतिबंधित कर दिया गया था, क्योंकि एनएच-3 के धौलपुर-मोरेना सेक्शन पर एक परियोजना में उसकी सेवाओं में खामी पायी गई थी।”
मैसर्स सीडीएम स्मिथ फिलहाल एनएचएआई की किसी परियोजना में शामिल नहीं है। आरोप की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई ने अपने अधिकारियों को कथित भुगतान किए जाने के मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
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