चेन्नई, 12 नवंबर (आईएएनएस)। दक्षिण भारत में न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) का 1,660 मेगावाट क्षमता का संयंत्र काम नहीं कर रहा है। यहां एनपीसीआईएल के संयंत्र की क्षमता कुल 5,780 मेगावाट बिजली उत्पादन की है।
पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अनुसार, संयंत्र की जिन इकाइयों ने काम करना बंद कर दिया है, उनमें से तीन को 14 नवंबर को चालू किए जाने की उम्मीद है, जिसकी क्षमता 660 मेगावाट की है। इनमें से दो मद्रास अटॉमिक पावर स्टेशन (एमएपीएस) और एक अन्य कैगा अटॉमिक पावर स्टेशन (केएपीएस) से संबंधित हैं।
सभी तीन इकायों में प्रत्येक की क्षमता 220 मेगावाट की है और ये नौ नवंबर से ही बंद पड़े हैं।
एमएपीएस की दोनों इकाइयों ने निकासी लाइनों के बाधित होने की वजह से काम करना बंद कर दिया था, जबकि टर्बाइन समस्या के कारण कैगा इकाई बंद हो गई थी।
पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बताया कि कुडनकुलम संयंत्र की 1,000 मेगावाट क्षमता वाली इकाई को 19 नवंबर को शुरू किए जाने की संभावना है, जिसे जून में वार्षिक मरम्मत कार्यो के लिए बंद कर दिया गया था।
हालांकि इस इकाई को 60 दिनों के लिए ही बंद किया गया था, लेकिन तब से अब तक इसे दोबारा शुरू करने की कई तारीखें निकल चुकी हैं।
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