नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने सोमवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि, सहयोग एवं किसान कल्याण विभाग की किसान (अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और भू-सूचना विज्ञान का इस्तेमाल करते हुए फसल बीमा) परियोजना लांच की।
बालियान ने इस अवसर पर एक एप भी लांच किया, जिससे ओलावृष्टि होने पर तस्वीरों के साथ उससे जुड़े डेटा का वास्तविक समय में संग्रह करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना में पैदावार के आकलन और फसल कटाई प्रयोगों (सीसीई) के बेहतर नियोजन के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और भू-सूचना विज्ञान (जीआईएस, जीपीएस और स्मार्ट फोन) प्रौद्योगिकी के साथ यूएवी/ड्रोन आधारित इमेजिंग से प्राप्त हाई रिजोल्यूशन डेटा का इस्तेमाल करने का जिक्र किया गया है, जो फसल बीमा कार्यक्रम के लिए जरूरी है।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, इस प्रायोगिक अध्ययन को खरीफ मौसम 2015 के दौरान हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के एक-एक जिले में और रबी मौसम 2015-16 के दौरान इन राज्यों के दो-दो जिलों में लांच करने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना को लांच करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि जब यह पॉयलट अध्ययन पूरा हो जाएगा, तो इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा। किसान परियोजना को महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र लागू करेगा, जो कृषि विभाग से संबद्ध है।
इस कार्य में इसरो के केंद्र (अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र और हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केंद्र), भारतीय मौसम विभाग, सीसीएएफएस, राज्य कृषि विभाग और राज्य सुदूर संवेदी केंद्र सहयोग प्रदान करेंगे।
डॉ. बालियान ने एक एंड्रॉयड एप भी लांच किया, जिसे इसरो (हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केन्द्र) ने डिजाइन किया है।
इस एप से ओलावृष्टि होने पर तस्वीरों और भौगोलिक निर्देशांक (अक्षांश और देशांतर) के साथ उससे जुड़े डेटा का वास्तविक समय में संग्रह करने में मदद मिलेगी।
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