नई दिल्ली, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) ने वित्तीय समाधान व जमा बीमा (एफआरडीआई) विधेयक को ‘जीवनभर की कमाई बैंक में जमा करने वाले करोड़ों आम लोगों पर खुल्लम-खुल्ला हमला’ बताते हुए रविवार को कहा कि वह प्रस्तावित विधेयक का संसद में पुरजोर विरोध करेगी।
वाम दल की ओर से कहा गया कि ‘डूब रहे बैंकों और बैंकों से भारी उधारी लेने वाले निगमों को बचाने’ वाले विधेयक को रोकने में वह अन्य दलों से समर्थन की मांग करेगी।
माकपा ने कहा, “बैंकों ने निगमों को भारी कर्ज दिया है, जिसकी वापसी नहीं हो रही है। अब बैंकों के घाटे भी भरपाई करोड़ों जमाकर्ताओं की बचतों से करने की कोशिश की जा रही है।”
एफआरडीआई विधेयक लोकसभा में मानसून सत्र में ही पेश हो चुका है और इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है।
माकपा ने कहा कि इसमें जमाकर्ता के पैसे की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। पार्टी विधेयक के मौजूदा स्वरूप का संसद में विरोध करेगी और अन्य दलों से भी समर्थन चाहेगी, क्योंकि यह करोड़ों लोगों के हित का सवाल है जिनकी जीवनभर की बचत खतरे में पड़ सकती है।
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