नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। लघु और मध्यम उद्योग सेक्टर (एमएसएमई) को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए पैसालो डिजिटल लिमिटेड ने गुरुवार को पैसालो एप लांच किया।
यह कंपनी पूर्व में एसई इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी। यह एक अग्रणी नॉन-डिपॉजिट एनबीएफसी कंपनी है जो वर्ष 1992 से संचालित व भारतीय रिजर्व बैंक के साथ रजिस्टर्ड है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि एमएसएमई सेक्टर तथा लघु उद्योगों के सशक्तिकरण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने यह एप उतारा है, जिससे ऋणों का 100 फीसदी डिजिटल वितरण किया जाएगा। इस एप से 10,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का ऋण लिया जा सकता है। ऋण चुकाने की अवधि 1, 3, 6, 12, 18 तथा 24 महीने है। कंपनी को उम्मीद है कि पैसालो एप के माध्यम से वित्तय वर्ष 2018-19 में करीब 30,000 ऋण आवेदनों को ऋणों का भुगतान किया जा सकेगा।
वित्त वर्ष 2016-17 के अनुसार कंपनी के पास 553 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति है तथा कंपनी ने 1262 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किया है। इसमें लगभग 90,000 लाइव उधारकर्ता हैं तथा 7 लाख से अधिक ऋण लेने वालों का कुल ग्राहक आधार है। कंपनी की 49 शाखाओं के अतिरिक्त अलावा, 700 से ज्यादा लोगों के फील्ड स्टॉफ की मदद से वह 300 छोटे स्थानों पर भी उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा में व्यवसायिक संचालन के साथ, कंपनी ने शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में 22600 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) भी स्थापित किए हैं। भारतीय रेटिंग्स (फिच) द्वारा कंपनी को ‘ए’ बेसेल रेटिंग प्राप्त है।
पैसालो डिजिटल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुनील अग्रवाल ने कहा, “पैसालो एप उपभोक्ताओं की पहुंच हम तक सुगम बनाता है तथा ऋण के विवरण एवं पुनर्भुगतान को आसान बनाता है। निचले स्तर से आर्थिक विकास के दृष्टिकोण के साथ हमारा उद्देश्य छोटे व्यापार मालिकों की प्रगति मे भागीदारी तथा रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित करना है। वृहद् शोध तथा 26 वर्षों के अनुभव से हमनें एमएसएमई सेक्टर की प्रमुख चुनौतियों को चिन्हित किया है तथा हमारे ऋण की पूंजी व अवधि इस सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी वकिर्ंग कैपिटल व अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता है।”
कंपनी के चीफ इनोवेशन ऑफिसर शांतनु अग्रवाल ने कहा, “पैसालो में हमारे तकनीक द्वारा ऋण प्रदान करने में एक रचनात्मक चुनौती आई है हम इसका फायदा अधिकतम लोगों तक कम से कम लागत पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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