नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने किसानों को अपने उत्पाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने का अधिकार देने वाला कानून बनाए जाने और एमएसपी की स्वत: वार्षिक समीक्षा सुनिश्चत किए जाने की मांग की।
माकपा के महाप्रबंधक सीताराम येचुरी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) किसानों के सभी उत्पाद एमएसपी पर नहीं खरीद रहा, जिसके कारण किसानों को अपने उत्पाद नुकसान में बेचने पड़ रहे हैं।
येचुरी ने पत्र में लिखा, “एक के बाद एक राज्य में किसानों का आंदोलन तीव्र रहा है, जिस पर आपने चुप्पी साधी हुई है, जबकि आपकी पार्टी की राज्य सरकारों ने गरीब किसानों पर पुलिस को खुला छोड़ दिया है।”
येचुरी ने मध्यप्रदेश में पुलिस की गोलीबारी में छह किसानों की मौत और देशभर में परेशान किसानों की आत्महत्याओं का भी जिक्र किया।
येचुरी ने कहा, “इन हालात में मैं आपको लिखकर मांग करता हूं कि आपकी सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में एक कानून लाए और उसे साथ ही पारित करे, जिससे किसानों को ने केवल अपने उत्पाद एमएसपी पर बेचने का अधिकार मिले, बल्कि साथ ही एमएसपी की स्वत: वार्षिक समीक्षा भी सुनिश्चत हो जो उस वर्ष के लिए कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) द्वारा स्थापित कुल उत्पादन लागत से कम से कम 50 फीसदी ज्यादा हो।”
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