नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने सोमवार को एयरसेल-मैक्सिस सौदा मामले में पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री दयानिधि मारन तथा अन्य के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर आदेश देने के लिए 17 जनवरी की तारीख मुकर्रर की।
विशेष न्यायाधीश ओ.पी.सैनी ने यह कहते हुए आदेश को स्थगित कर दिया कि यह अभी तक तैयार नहीं हुआ है, क्योंकि मामले से संबंधित दस्तावेज बेहद भारी-भरकम हैं।
अदालत सुनवाई की अगली तारीख के दिन ही एयरसेल-मैक्सिस सौदा मामले में दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन तथा अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी पर फैसला करेगी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मारन, उनके भाई व कारोबारी कलानिधि मारन, चेन्नई की कंपनी सन डायरेक्ट टीवी, मलेशियाई कारोबारी टी.ए.आनंद कृष्णन, उनके सहयोगी अगस्तस राफ मार्शल तथा दो अन्य आरोपी कंपनियों-मैक्सिस कम्युनिकेशंस तथा एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क्स के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
आरोप पत्र के मुताबिक, कृष्णन को एयरसेल कंपनी खरीदने में दयानिधि मारन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। मारन के सहयोग से कृष्णन ने एयरसेल के मालिक शिवशंकरण को अपना हिस्सा बेचने को मजबूर किया।
आरोप पत्र के अनुसार, शिवशंकरण द्वारा कंपनी के अधिग्रहण में दयानिधि मारन ने मैक्सिस समूह का पक्ष लिया, जिसके बदले में कंपनी ने एस्ट्रो नेटवर्क के माध्यम से एक कंपनी में निवेश किया, जो मारन परिवार की बताई जाती है।
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 742.58 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद बनाने को लेकर मारन बंधुओं, कलानिधि मारन की पत्नी कावेरी कलानिधि तथा साउथ एशिया एफएम लिमिटेड (एसएएफएल) के प्रबंध निदेशक के.शनमुगम तथा दो कंपनियों -एसएएफएल तथा सन डायरेक्ट टीवी प्राइवेट लिमिटेड (एसडीटीपीएल) के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
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