नई दिल्ली, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। पिछले कुछ समय में टमाटर, भिंडी, आलू, प्याज जैसी रोजमर्रा की चीजें ऑनलाइन उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियां सामने आई हैं। इनकी ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहकों को भी फायदा है, क्योंकि उन्हें पार्किं ग, भीड़-भाड़ जैसी अनेक झंझटों से मुक्ति मिल जाती है।
नई दिल्ली, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। पिछले कुछ समय में टमाटर, भिंडी, आलू, प्याज जैसी रोजमर्रा की चीजें ऑनलाइन उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियां सामने आई हैं। इनकी ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहकों को भी फायदा है, क्योंकि उन्हें पार्किं ग, भीड़-भाड़ जैसी अनेक झंझटों से मुक्ति मिल जाती है।
एसआरएसग्रोसरी डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हार्वर्ड शिक्षित 23 वर्षीय प्रतीक जिंदल ने कहा, “यह आखिरी क्षेत्र था, जहां जगह खाली थी। किराने के सामान के पोर्टल का प्रमुख कारण यह है कि लोग अब प्रौद्योगिकी का अधिकाधिक उपयोग कर रहे हैं।”
दैनिक उपयोग की चीजों की ऑनलाइन आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनियों में हैं जिप डॉट इन, सीटूहोम डॉट कॉम, आरामशॉप डॉट कॉम, लोकलबनिया डॉट कॉम, एकस्टॉप डॉट कॉम, बिगबास्केट डॉट कॉम, एटमाईडोरस्टेप्स डॉट कॉम, माईग्राहक डॉट कॉम, जोपनाऊ डॉट कॉम, ओमार्ट डॉट इन और राशनहट डॉट कॉम।
जिप डॉट इन की 2014 में स्थापना करने वाले न्यूजर्सी के किशोर गंजी ने आईएएनएस से कहा, “हमने इस क्षेत्र में कदम इसलिए रखा, क्योंकि भारत में खाद्य कारोबार का विशाल बाजार है, हालांकि यह टुकड़ों में बंटा हुआ भी है। हमारा कारोबार मुख्यत: हैदराबाद में है, अब हमने विशाखापत्तनम में भी अपने पांव पसारे हैं।”
परांपरागत दुकानों को भी इन ऑनलाइन पोर्टल से कोई परेशानी नहीं है। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार के एक दुकानदार यादव कुमार ने आईएएनएस से कहा, “यदि ऑनलाइन पोर्टल हमसे साझेदारी करते हैं, तो इससे हमारे कारोबार में मदद मिलेगी।”
पेपरटैप के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत सिंह ने आईएएनएस से कहा, “हमारा कारोबार अभी 12 शहरों में फैला हुआ है और इस साल के अंत तक हमारी मौजूदगी 35 शहरों में हो जाएगी।”
सिंह ने बताया कि जनवरी में कंपनी को रोजाना 50 ऑर्डर मिला करते थे, जो अब बढ़कर 12-15 हजार तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वे स्थानीय दुकानदारों से साझेदारी करते हैं और उनके कैटलॉग को ऑनलाइन पेश करते हैं।
एसआरएसग्रोसरी के जिंदल ने बताया कि उनका पोर्टल इस साल जनवरी में शुरू हुआ। कंपनी के अभी 45 स्टोर हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पोर्टल पर ऑर्डर की कोई न्यूनतम सीमा नहीं है और वे आपूर्ति करने के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं लेते हैं।
गंजी ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल सस्ता विकल्प है। उन्होंने कहा, “हमें मॉल में दुकान लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। हमें स्टोर की साज-सज्जा पर भी खर्च नहीं करना पड़ता है।”
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