ओडिशा का नुकसान नहीं होने देगा केंद्र : उमा भारती

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को कहा कि ओडिशा राज्य उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार ऐसा कुछ भी करने की मंजूरी नहीं देगी, जिससे प्रदेश के हितों को नुकसान होता हो।

बीजू जनता दल (बीजद) के नाराज सदस्यों द्वारा पेश किए गए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए उमा भारती ने लोकसभा में कहा, “ओडिशा से हमें बेहद प्यार है। हम ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते या कुछ करने की मंजूरी देंगे, जिससे राज्य में किसी प्रकार का संकट पैदा हो।”

छत्तीसगढ़ द्वारा महानदी नदी पर हीराकुड बांध के निर्माण से पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बीजद के नेता भर्तृहरी महताब तथा उनकी पार्टी के नेता तथागत सत्पती तथा कलिकेश सिंह देव ने जानना चाहा कि क्या ओडिशा से केवल इसलिए पक्षपात किया जा रहा है, क्योंकि उसने एक अलग सामाजिक-राजनीतिक पथ और एक क्षेत्रीय पार्टी की सरकार को चुना है।

उमा भारती ने कहा कि पानी लड़ने का कारण नहीं हो सकता। इसका इस्तेमाल एकदूसरे को एकजुट करने के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया है। इसलिए हम सभी राज्यों को एक साथ लेकर चलने का प्रयास करेंगे।”

जल संसाधन राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यान ने कहा कि ओडिशा सरकार द्वारा हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखने के बाद ही केंद्र को इस बारे में पता चला है।

बाल्यान ने कहा, “हमने एक मध्यस्थ के रूप में जून में एक त्रिपक्षीय बैठक की पेशकश की थी। छत्तीसगढ़ की सरकार उसमें हिस्सा लेने के लिए तैयार थी, जबकि ओडिशा सरकार ने और अधिक समय की मांग की। इसलिए बैठक की तिथि आगे बढ़ाकर 29 जुलाई कर दी गई। इस बैठक में सभी मुद्दों को रखा जाएगा।”

ओडिशा के लोगों के हितों का खयाल रखे बिना निर्माण गतिविधि शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना करते हुए महताब ने कहा कि केंद्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।

बैराज परियोजना के खिलाफ बीजद सदस्यों ने 20 जुलाई को संसद में प्रदर्शन भी किया था।

बीजद नेता ने कहा कि अगर नया जलाशय या बांध बनता है, तो जलों का बंटवारा किस प्रकार होगा, इसे लेकर साल 1983 में तत्कालीन मध्य प्रदेश और ओडिशा सरकारों के बीच एक समझौता भी हुआ था।

ओडिशा में महानदी नदी सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत है, जिससे राज्य के बारगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, सुंदरगढ़ तथा बोलनगीर सहित 15 जिलों के किसानों की आजीविका चलती है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493