नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक परिषद (आईओसी) से देश में ओलम्पिक स्पर्धाओं के विकास के लिए अधिक फंड की मांग की है। इसी सम्बंध में चर्चा के लिए आईओसी प्रमुख थॉमस बाख 27 अप्रैल को भारत आ रहे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और ओलम्पिक स्पर्धाओं के लिए आर्थिक मदद देने सम्बंधी भारत के अनुरोध के अलावा अन्य विषयों पर भी चर्चा करेंगे।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक परिषद (आईओसी) से देश में ओलम्पिक स्पर्धाओं के विकास के लिए अधिक फंड की मांग की है। इसी सम्बंध में चर्चा के लिए आईओसी प्रमुख थॉमस बाख 27 अप्रैल को भारत आ रहे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और ओलम्पिक स्पर्धाओं के लिए आर्थिक मदद देने सम्बंधी भारत के अनुरोध के अलावा अन्य विषयों पर भी चर्चा करेंगे।
इसी बैठक के दौरान बाख और मोदी के बीच भारत द्वारा 2024 ओलम्पिक की मेजबानी की दावेदारी पेश करने को लेकर चर्चा हो सकती है। 2020 ओलम्पिक जापान में होना है और 1960 के बाद से ओलम्पिक खेल लगातार एक ही महाद्वीप में नहीं हुए हैं लेकिन इसके बावजूद भारत द्वारा ओलम्पिक खेलों की मेजबानी की दावेदारी की बात सामने आ रही है। खेल सचिव (भारत सरकार) अजित शरण इसकी पुष्टि कर चुके हैं।
भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) प्रमुख नारायण रामचंद्रन और शरण हाल ही में स्विट्जरलैंड के लुसाने स्थित आईओसी के मुख्यालय गए थे और वहां आईओसी प्रमुख से मुलाकात की थी।
आईओए प्रमुख ने राज्य ओलम्पिक संघों के नाम जो पत्र जारी किया है, उसमें भारत द्वारा ओलम्पिक की मेजबानी की दावेदारी किए जाने का कोई जिक्र नहीं है लेकिन इसमें इतना जरूर कहा गया है कि बाख 27 अप्रैल को जब भारत आएंगे तब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत में ओलम्पिक स्पर्धाओं के विकास को लेकर चर्चा करेंगे।
दस्तावेज में कहा गया है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाख ने उपलब्धता और आपसी समझ के आधार पर मुलाकात की एक तारीख निर्धारित की है, जिसमें मोदी और बाख के बीच मुख्य तौर पर देश में ओलम्पिक खेलों के विकास को लेकर चर्चा होगी। भारत इन खेलों के विकास के लिए आईओसी से और अधिक फंड चाहता है। साथ ही इस मुलाकात के दौरान कई अन्य विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।”
“आईओए प्रमुख और खेल सचिव (भारत सरकार) ने लुसाने में बीते दिनों बाख से मुलाकात कर यह तारीख निर्धारित की थी। आईओए ने बाख से कहा था कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत तौर पर उनसे भारत में ओलम्पिक स्पर्धाओं के विकास के लिए मदद हेतु मुलाकात और चर्चा करना चाहते हैं।”
अन्य विषयों में ओलम्पिक की मेजबानी की दावेदारी भी हो सकता है। ओलम्पिक चार्टर में कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि ओलम्पिक के दो संस्करण लगातार एक ही महाद्वीप में नहीं हो सकते लेकिन आईओसी 1960 के रोम ओलम्पिक के बाद से लगातार यह सुनिश्चित करता आया है कि इन खेलों का आयोजन अलग-अलग महाद्वीपों में हो। 1960 से पहले हालांकि कई बार ओलम्पिक के लगातार संस्करण यूरोप में हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि आईओसी अपनी कुल आय का 90 फीसदी हिस्सा ओलम्पिक आंदोलन में शामिल देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, में खेल के विकास और आयोजन में खर्च करता है। आय का 10 फीसदी हिस्सा परिचालन और प्रशासनिक कार्यो के लिए सुरक्षित रखा जाता है।
आईओसी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इसकी कुल आय का 73 फीसदी हिस्सा टेलीविजन राइट्स से आता है। 18 फीसदी हिस्सा टीओपी प्रोग्राम मार्केटिंग राइट्स से और पांच फीसदी अन्य राइट्स से आता है। 2013 से 2016 के बीच आईओसी की कुल आय पांच अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। 2009 से 2012 के बीच यह पांच अरब डॉलर थी।
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