पटना, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। पटना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अपनी ही एकल खंडपीठ के फैसले को पलटते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को बरकरार रखा। फैसले के मुताबिक, सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के चार बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता अब खत्म मानी जाएगी।
पटना उच्च न्यायलय के न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की दो सदस्यीय खंडपीठ ने विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के पूर्व में लिए फैसले में कोई त्रुटि नहीं पाई और इन बागी विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने को सही ठहराया।
अदालत के ताजा फैसले से जिन बागी विधायकों को झटका लगा है, वे हैं-ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, नीरज सिंह बबलू, रवींद्र राय और राहुल शर्मा।
विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले वर्ष एक नवंबर को जद (यू) नेतृत्व के आवेदन पर इन चारों विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी। उनके इस फैसले को बागी विधायकों ने पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ज़े पी़ शरण की एकल खंडपीठ ने इस वर्ष छह जनवरी को अपने फैसले में जद (यू) के बागी विधायकों की सदस्यता बहाल रखने का आदेश दिया था।
इसके बाद एकल खंडपीठ के इस फैसले को जद (यू) के संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। इस पर दो सदस्यीय खंडपीठ ने फैसला देकर विधानसभा अध्यक्ष का मान रखा है।
फैसला पलटने से आहत बागी नेता ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाने का संकेत दिया है।
उल्लेखनीय है कि इन चारों विधायकों ने पिछले वर्ष 19 जून को बिहार में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव के दौरान पार्टी के निर्णय के खिलाफ मतदान किया था।
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