उन्होंने कहा, “भाजपा का मतलब भारतीय झूठ पार्टी और भारतीय जुमलेबाज पार्टी है। जब चुनाव का समय आता है तो अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा उठाते हैं। राम मंदिर के नाम पर अब उत्तर प्रदेश की जनता बेवकूफ बनने वाली नहीं है।”
लौटनराम ने कहा, “लोकसभा चुनाव के समय सरकार बनने पर 100 दिनों के अंदर विदेशों में जमा काला धन वापस लाने तथा बैंक खाताधारकों के खाते में 15 लाख रुपया भेजने व अच्छे दिन लाने का वायदा करते हैं। लेकिन, जनता के न तो अच्छे दिन आए और न खाते में 15 लाख रुपया। उल्टे जनता व किसानों को अपने ही खाते से रुपया निकालने के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि भाजपा के बड़े नेता यह दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। यह झूठ का पुलिंदा व जुमला है। उन्होंने कहा कि जब किसानों से इतनी हमदर्दी थी तो चुनाव घोषणा से पहले कर्ज माफी क्यों नहीं की?
निषाद ने कहा, “मोदी पिछड़ों के नाम पर धब्बा हैं। क्योंकि, जब से ये देश के प्रधानमंत्री बने हैं, अन्य पिछड़े वर्ग का नुकसान छोड़ कोई लाभकारी व कल्याणकारी योजना शुरू नहीं की है। मोदी पिछड़े हैं तो बजट में पिछड़ों के कल्याण के लिए कितना बजट पास किया? मोदी ने 54-60 प्रतिशत जनसंख्या वाले ओबीसी के लिए एक रुपये का भी बजट नहीं दिया, जो अत्यंत निंदनीय व पिछड़ा विरोधी कार्य है।”
उन्होंने भाजपा व बसपा को पिछड़ों, अतिपिछड़ों के सामाजिक न्याय व आरक्षण का विरोधी बताते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन को साथ देकर भाजपा व बसपा को हराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता मुसलमानों को भ्रमित करने के लिए कभी अपनी लड़ाई बसपा से तो कभी सपा से बता रहें हैं।
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