बांदा, 19 जनवरी (आईएएनएस)। एक ओर निर्वाचन आयोग प्रदेश में दिव्यांग (शारीरिक तौर पर अक्षम) मतदाताओं को विधानसभा चुनाव में भाग लेने के लिए तमाम सहूलियत देने के दिशा-निर्देश दे रहा है, वहीं इसके उलट उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की बिसंडा पुलिस ने एक दलित दिव्यांग मतदाता को गुंडा अधिनियम के तहत निरुद्ध कर उसे ‘गुंडा’ बना दिया है। परेशान दिव्यांग पुलिस के आला अधिकारियों की ड्योढ़ी पर कई दिनों से दस्तक दे रहा है।
मामला बांदा जिले के बिसंडा थाना के तेंदुरा गांव का है। इस गांव के दलित दिव्यांग मतदाता संतोष कोरी को ओरन पुलिस ने शांति और निष्पक्ष चुनाव में बाधक मानकर मिनी गुंडा अधिनियम 110जी के तहत निरुद्ध किया है, पुलिस के हिसाब से यह दिव्यांग चुनाव में विघ्न डाल सकता है या फिर बूथ कैप्चरिंग कर सकता है।
अतर्रा के उपजिलाधिकारी के न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह कई दिनों से जिले के अधिकारियों की ड्योढ़ी में न्याय के लिए दस्तक दे रहा है और अब वह गुरुवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर परिवार सहित मतदान के ‘बहिष्कार’ का ऐलान किया है। पुलिस ने अपनी चालानी फर्द में बाकायदा एक दबंग की शिकायत का उल्लेख किया है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
पीड़ित दिव्यांग संतोष ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेशन को गुरुवार को भेजे शिकायती पत्र में पुलिस और गांव के दबंग से रंजिश का भी उल्लेख किया है। उसने लिखा कि ‘गांव का दबंग कौशल किशोर सिंह उसके रिहायशी घर में कब्जा करना चाहता है, इसके पूर्व यह दबंग फलुआ कोरी और मइयादीन कोरी को गांव से निकालकर उनके घरों में कब्जा जमा चुका है।’
पीड़ित ने आगे लिखा है, “ओरन पुलिस उसकी भरपूर मदद कर रही है, बीते साल अगस्त माह 2016 में तीन सिपाही जबरन इस भूखंड को दिलाने के लिए दबंग के साथ उसके घर में घुस कर उत्पात मचाया था। डीजीपी के आदेश पर तीनों सिपाही निलंबित हो गए थे। इसी दबंग की फर्जी शिकायत और सिपाहियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से नाराज होकर चौकी प्रभारी ने उसको और उसके दो भाइयों के खिलाफ मिनी गुंडा एक्ट 110 जी के तहत कार्रवाई की है।”
उसने इस शिकायत में खुद का आपराधिक इतिहास न होना बताया है, जबकि दबंग के खिलाफ दर्ज कई मुकदमों की फेहरिस्त संलग्न की है। उसने यह भी लिखा कि ‘गांव में कई सजायाफ्ता हैं, जो पुलिस की नजर में ‘अच्छे इंसान’ हैं। पीड़ित ने कहा, “अगर मतदान होने से पूर्व पुलिस की कार्रवाई निरस्त कर दबंग और दोषी दरोगा के खिलाफ दंडात्मक कदम न उठाया गया तो वह परिवार सहित 23 फरवरी को होने वाले मतदान का ‘बहिष्कार’ करेगा।”
एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं था, इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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