दोपहर बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के अधिकारी को ज्ञापन देकर प्रदर्शन खत्म किया।
संगठन के अध्यक्ष एम. अली मदहोश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को 46 विभूतियों में से कई को सिर्फ सिफारिश पर इस पुरस्कार से नवाजा है, जबकि नीना पुरानी फिल्मों की बेहतरीन अदाकारा थीं।
उन्होंने ‘मिस चालबाज’, ‘सपेरा’, ‘तिलिस्मी दुनिया’ जैसी तमाम फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उन्होंने आर्थिक साल 2008 में बलरामपुर अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही से नीना की मौत की उच्चस्तीय जांच की मांग उठाई।
उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए कि मरणोपरांत भी कलाकार को सम्मानित करने में बाधा न उत्पन्न हो। इस दौरान निर्मला, फूलकुमारी, राजाराम, अली अब्बास आदि शामिल रहे।
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