बेंगलुरू, 30 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने राज्य लोकायुक्त के कुछ अधिकारियों पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर रही है।
अधिकारियों पर यह आरोप राज्य के कुछ नौकरशाह और आरटीआई कार्यकर्ताओं ने लगाया है।
राज्य के गृहमंत्री के. जे. जॉर्ज ने बेंगलुरू से 510 किलोमीटर दूर बेलागावी में पत्रकारों से कहा, “मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने पर सहमति जताई है। लोकायुक्त में काम करने वाले अधिकारियों पर मध्यस्थ की मदद से राज्य के कुछ वरिष्ठ नौकरशाहों से रिश्वत मांगे जाने के आरोप सामने आए हैं।”
बेलागावी में सोमवार से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में हिस्सा लेने के लिए राज्य के सभी मंत्री एवं विधायक जुटे हुए हैं। मानसून सत्र 10 दिनों तक चलेगा।
जॉर्ज ने कहा, “एसआईटी की अध्यक्षता राज्य लोकायुक्त अधिनियम के तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर का कोई अधिकारी करेगा।”
राज्य के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सलाह-मशविरा कर एसआईटी अध्यक्ष की नियुक्ति करेंगे, हालांकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कमल पंत की नियुक्ति की खबरें पहले से ही आने लगी हैं।
नगर अपराध शाखा (सीसीबी) के संयुक्त आयुक्त एम. चंद्रशेखर द्वारा मामले की जांच करने से इनकार करने के बाद लोकायुक्त न्यायमूर्ति वाई. भास्कर राव के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया जा रहा है।
संयुक्त आयुक्त चंद्र शेखर ने भ्रष्टाचार रोधी इकाई द्वारा अपने श्वसुर की भ्रष्टाचार के मामले में चल रही जांच के कारण इस जांच को हाथ में लेने से इनकार किया।
dharmpath.com dharmpath