कश्मीर में अशांति बरकरार, प्रधानमंत्री की शांति की अपील (लीड-1)

श्रीनगर/नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर में शांति की अपील की। वहां आतंकी कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों में अबतक 30 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

मोदी ने नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक कर घाटी के हालात का जायजा लिया और हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई। कश्मीर घाटी में लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी कर्फ्यू जारी रहा।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बैठक समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, “प्रधानमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि घाटी में सामान्य स्थिति बहाल हो सके और किसी भी निर्दोष का जीवन बाधित नहीं हो।”

इस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्तमंत्री अरुण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे।

जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को हर तरह की सहायता एवं मदद का भरोसा दिया है।

राज्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा के दौरान जम्मू एवं कश्मीर के बारे में ताजा स्थिति की जानकारी लेते रहते थे। चार दिवसीय दौरे से मंगलवार सुबह लौटने के तुरंत बाद उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य की स्थिति पर उनकी नजर थी।”

प्रधानमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई है कि निर्दोष जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्होंने अमरनाथ यात्रा को लेकर संतोष जताया।

मोदी अफ्रीकी देशों के पांच दिवसीय राजकीय दौरे के बाद मंगलवार सुबह स्वदेश लौट आए।

इसके पहले सोमवार को राजनाथ ने पर्रिकर, जेटली, डोभाल और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर जम्मू एवं कश्मीर के हालात का जायजा लिया था।

घाटी में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक हुई झड़पों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है। यह हिंसा पिछले हफ्ते शुक्रवार को एक शीर्ष आतंकी के मारे जाने के बाद भड़की है।

कश्मीर घाटी में कर्फ्यू के बीच जारी हिंसा पर काबू करने के लिए प्रशासन जूझता रहा। हजारों प्रदर्शकारियों एवं सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के दौरान इस हिंसा में करीब 1400 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हैं।

पुलिस ने कहा कि सड़कों पर हिंसा रोकने के लिए और हिंसा का मुकाबला करने के लिए लगभग पूरी घाटी में कर्फ्यू जारी रहेगा।

पिछले हफ्ते शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ, जब सुरक्षा बलों ने कश्मीर में सबसे बड़े आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के 22 वर्षीय कमांडर और उसके दो सहयोगियों को दक्षिणी कश्मीर घाटी में मार गिराया।

चिकित्सकों ने कहा कि मंगलवार को अमीर नजीर लाटू, जो मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गृहनगर बिजबेहारा में हुई फायरिंग में घायल हो गया था, उसने श्रीनगर अस्पताल में दम तोड़ दिया।

सभी कारोबार व सामान्य जन-जीवन पूरी तरह से पंगु हैं। पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सुविधा बंद है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा जिलों में मोबाइल फोन सेवा स्थगित है।

श्रीनगर की वीरान गलियों में अजीब-सी डरावनी शांति है। राज्य की राजधानी में किसी नए प्रदर्शन की खबर नहीं है।

हालांकि, पुलिस सूत्रों ने कहा कि दक्षिण कश्मीर में कुछ जगहों पर प्रदर्शन हुए। मारा गया आतंकी कमांडर इसी क्षेत्र का था।

एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि उत्तरी कश्मीर के सोपोर शहर में बंदूकधारियों ने एक पुलिस गश्ती दल पर गोलीबारी की, लेकिन उस हमले में कोई घायल नहीं हुआ।

अलगाववादी गुटों ने घाटी में अपने बंद की अवधि बुधवार तक बढ़ा दी है।

इस बीच हिंदू तीर्थयात्रियों की वार्षिक अमरनाथ यात्रा दो दिनों तक स्थगित रहने के बाद सोमवार से फिर शुरू हुई। भारत के विभिन्न राज्यों से तीर्थयात्रियों को लेकर लगभग 300 वाहन कश्मीर घाटी में सोमवार की रात प्रवेश किए।

इस वार्षिक तीर्थ यात्रा का प्रबंध करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के एक अधिकारी ने कहा, “सभी सुरक्षित ढंग से बालटाल स्थित आधार शिविर (उत्तरी कश्मीर में) पहुंच गए हैं, और अब जत्थों में गुफा की ओर बढ़ रहे हैं।”

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