सिंधुदुर्ग(महाराष्ट्र), 24 मई (आईएएनएस)। हजारों लोगों ने यहां मंगलवार को शहीद सैनिक पांडुरंग महादेव गावड़े को अश्रुपूर्ण नेत्रों से अंतिम विदाई दी। कश्मीर में आतंकियों से लड़ते शहीद हुए गावड़े का इस जिले के उनके गांव अंबोली में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि गावड़े के अंतिम संस्कार में गांव एवं आसपास के हजारों लोगों के साथ उनकी विधवा एवं दो छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए। अंतिम संस्कार के समय शोकाकुल लोगों ने ‘पांडुरंग गावड़े अमर रहें’ का नारा भी लगाया।
भारतीय सेना के जवान गावड़े शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के दुर्गमुल्ला में हथियारों से लैस आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हो गए थे। सेना के एक अस्पताल में रविवार को उनकी मौत हो गई।
सुरक्षा बलों के आतंक रोधी सफल अभियान में सभी पांचों आतंकियों को मार गिराया गया।
भारतीय सेना ने श्रीनगर स्थित बादामी बाग छावनी में सोमवार को एक सभा में गावड़े की वीरता एवं कुर्बानी की सराहना करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ और अन्य अधिकारियों ने गावड़े के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और सलामी दी।
गावड़े के शव को सोमवार को गोवा ले जाया गया और मंगलवार सुबह तक पणजी सैन्य अस्पताल में रखा गया।
गोवा में 2 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर एस. के. अग्रवाल द्वारा पुष्पहार अर्पण समारोह के बाद गावड़े का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग स्थित जिला स्थित अंबोली गांव ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
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