चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं के मुद्दे को लेकर दबाव बनाने के प्रयास के तहत विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि उसके समर्थक प्रदेश के सभी 117 विधानसभाओं में चित्त रावण के पुतले जलाएंगे।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने कहा कि पार्टी के इस कदम का उद्देश्य राज्य में मादक पदार्थो के खतरे को नियंत्रित करने में शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन सरकार की नाकामी को सामने लाना है।
अमरिंदर सिंह ने यहां कहा, “हमने चित्त (पंजाब में आम बोलचाल की भाषा में नशीली दवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द) रावण मामले में लुधियाना के पुलिस आयुक्त के स्थानांतरण में नाकामी को लेकर सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। हमने पार्टी सदस्यों से प्रदेश के सभी 117 विधानसभाओं में चित्त रावण का पुतला जलाने के लिए कहा है।”
पंजाब में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल और विपक्षी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को हुई झड़प को रोकने में विफल रहने और उसके बाद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सरकारी निवास के बाहर बिताई। वे रातभर नारेबाजी करते रहे। उनका प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी है।
वे लुधियाना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जो कांग्रेस तथा अकाली दल के समर्थकों के बीच सोमवार को चित्त रावण का पुतला दहन करने को लेकर हुई झड़प को रोकने में नाकाम रहे। बाद में कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
उन्होंने पंजाब पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा, “यह अजीब बात है कि दोषी छुट्टा घूम रहे हैं और पीड़ित जेल की सीखचों के पीछे हैं।”
बादल गुरुवार शाम अपने निवास से बाहर आए और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेश अरोड़ा को लुधियाना में दशहरा की पूर्व संध्या पर अकाली दल की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं और विपक्षी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़पों की जांच का आदेश दिया।
बादल के निर्देश के बाद पुलिस डीजीपी सोमवार शाम हुई घटना की जांच के लिए लुधियाना रवाना हो गए।
बादल ने मीडिया से कहा, “मैंने पुलिस महानिदेशक से घटना की जांच कर तीन दिन के भीतर रपट पेश करने के लिए कहा है।”
अमरिंद ने कहा, “हम पूरे राज्य से ‘चित्त’ और उसके रावण को मिटा देंगे।”
चित्ता रावण मुद्दे पर अकालियों की नाराजगी पर आश्चर्य जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “क्या यह आपकी दोषी अंतरात्मा की आवाज है, जो आपको चुभ रही है और इसके कारण चित्त को लेकर आप इतने नाराज हो जाते हैं।”
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर सत्तारूढ़ दल से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उच्च-सुरक्षा वाले सेक्टर-2 क्षेत्र को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया गया था, जहां बादल का निवास है।
वहीं, मुख्यमंत्री आवास के बाहर शुक्रवार को इस प्रदर्शन में युद्ध के शहीदों और ड्यूटी पर जान गंवाने वाले होमगार्ड कर्मियों के परिवार भी शामिल हुए।
इस क्षेत्र में हालांकि धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं, पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार दोपहर से अपना विरोध शुरू किया था और गुरुवार रात भर इसे जारी रखा।
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