नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर चुनावी रणनीतिकार बने हिमांता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को असम में कहा कि कांग्रेस की वंशवाद की राजनीति ही उत्तर-पूर्वी राज्य में उसकी हार का कारण है।
भाजपा नेता सरमा ने एक टेलीविजन चैनल से कहा कि कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करने और अपने कामकाज की शैली को बदलने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस सुविधा के आधार पर चल रही है। (कांग्रेस अध्यक्ष) सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को पार्टी उपाध्यक्ष बनाया, जिसकी वजह उनकी योग्यता नहीं बल्कि यह है कि वह उनके बेटे हैं। इसी प्रकार से राहुल ने असम के मुख्यमंत्री (तरुण गोगोई) की कुछ मांगों को स्वीकार किया।”
सरमा ने कहा, “विशेष रियायत या सुविधा की यह नीति 10 जनपथ से शुरू होकर नीचे पंचायत स्तर तक जाती है। असम में 126 कांग्रेसी उम्मीदवारों में 34 किसी न किसी बड़े नेता के बेटे-बेटियां हैं।”
सरमा, तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली असम की कांग्रेस सरकार में मंत्री थे। उन्होंने विवाद होने के कारण कांग्रेस छोड़कर 2015 में भाजपा का दामन थाम लिया था।
भाजपा नेता ने कहा, “राहुल गांधी को कांग्रेस को एक सामान्य विपक्षी दल बनाना चाहिए। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें बदलाव लाना होगा। यह एक स्पष्ट संदेश है। वह खुदा नहीं हैं और न ही उन्हें खुदा जैसा व्यवहार करना चाहिए।”
भाजपा नेता ने कहा, “यही कारण है कि (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी आज भारतीय राजनीति के नायक हैं, क्योंकि वे किसी ‘कुलीन परिवार’ से नहीं हैं। वे एक सामान्य पद से शुरू कर शीर्ष तक पहुंचे हैं।”
शर्मा ने कहा, “मैंने एक बार राहुल गांधी से कहा था कि उन्हें अपना पद छोड़कर किसी सामान्य कांग्रेसी कार्यकर्ता की तरह चुनाव लड़ना चाहिए और फिर हमारा नेतृत्व करना चाहिए। उनके पास कोई जवाब नहीं था। मैंने उनसे कहा कि अगर युवा कांग्रेस का चुनाव सामान्य ‘कार्यकर्ताओं’ के लिए है, तो उनके लिए क्यों नहीं है? उनके पास कोई जवाब नहीं था। जब उनके पास कोई जवाब नहीं होता है तो वे अपने कुत्ते के साथ खेलना शुरू कर देते हैं। इसी तरीके से वह पार्टी चलाना चाहते हैं।”
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