नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस ने मंगलवार को दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) की इस बात के लिए जांच कराने की मांग की कि उसने उन दस लाख से अधिक लोगों के नाम अपनी वेबसाइट पर क्यों सार्वजनिक की जिन्होंने नेट निरपेक्षता के पक्ष में मेल किए थे।
कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया और कहा, “ट्राई अपनी वेबसाइट पर नेट कार्यकर्ताओं के नाम और उनके ईमेल पते सार्वजनिक कर रही है, जो ठीक उसी तरह से है, जिस तरह से कोई बैंक अपने ग्राहकों के खातों की जानकारी सार्वजनिक करता हो।”
उन्होंने कहा, “इस तरह से हैकर्स इन नेट कार्यकर्ताओं की जानकारियों को हैक कर सकते हैं।”
गोगोई ने सरकार से जांच कराने की मांग की है कि आखिर ट्रई में वे कौन लोग हैं, जो नाम सार्वजनिक कर रहे हैं और क्यों?
ट्राई ने नेट निरपेक्षता के परामर्श पत्र पर टिप्पणी देने वाले दस लाख से अधिक लोगों के नाम और ईमेल पते मंगलवार को सार्वजनिक कर दिए थे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह सरकार पर इंटरनेट को देश के बड़े उद्योगपतियों को सौंपने का आरोप लगाया था। लेकिन केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि उनकी सरकार देश के सभी लोगों तक इंटरनेट की सुलभता के पक्ष में है।
नेट निरपेक्षता से अभिप्राय इंटरनेट की सर्वसुलभता से है। इसके तहत व्यक्ति को पूरा अधिकार है कि वह वैधानिक रूप से इंटरनेट का इस्तेमाल कब, किस तरह से और कितने समय तक कर सकता है।
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