नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा में शुक्रवार को विजय माल्या को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्यों ने सरकार पर बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के संस्थापक विजय माल्या को देश से भगाने का आरोप लगाया।
जवाबी हमला करते हुए सत्ता पक्ष ने कहा कि उनकी सरकार विजय माल्या को वैसे नहीं छोड़ेगी जैसे कांग्रेस ने बोफोर्स घोटाले के ओरोपित ओटावियो क्वात्रोच्चि को छोड़ा था।
माल्या कर्नाटक से निर्दलीय राज्यसभा सदस्य हैं।
इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाते हुए सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सीबीआई ने 16 अक्टूबर, 2015 को आव्रजन अधिकारियों को सूचित किया था कि वे विजय माल्या को देश छोड़ने से रोकें । लेकिन, एक महीने बाद ही सलाह बदल दी गई और कहा गया कि आव्रजन प्राधिकारी माल्या के बारे में सिर्फ सूचना सीबीआई को दें।
आजाद ने कहा, “केवल एक महीने में ऐसा क्या हो गया? इसलिए माल्या के देश से बाहर भागने में सरकार भी एक पक्ष है।”
इस पर केंद्रीय संसदीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार माल्या को नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा, “हम लोग यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सरकार ने कहा है कि देश का पैसा वापस होगा। हम लोग माल्या को वैसे नहीं छोड़ेंगे जैसे कांग्रेस ने क्वात्रोच्चि को छोड़ा था। “
क्वात्रोच्चि इटली का व्यापारी था। उस पर बोफोर्स घोटाले में घूस लेने के लिए माध्यम का काम करने का आरोप था। आरोप है कि उसे गिरफ्तारी से बचाने के लिए 1993 में देश से भागने के लिए उसे सुरक्षित गलियारा प्रदान किया गया था। उसकी मौत 2013 में हुई थी।
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