नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। हरियाणा में 11 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में ‘भारी धांधली’ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से इसे रद्द कर ताजा चुनाव कराने का आदेश देने की मांग की।
हरियाणा कांग्रेस के प्रमुख अशोक तंवर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को निर्वाचन अयोग से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि राज्य में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में ‘किस प्रकार धांधली की गई’ और चुनाव क्यों दोबारा कराना जरूरी है।
ज्ञापन के मुताबिक, “चुनाव में साजिश का आलम यह रहा कि कांग्रेस के विधायकों द्वारा दिए गए सभी मतों को इस आधार पर अमान्य घोषित कर दिया गया कि उन पर उस कलम से निशान नहीं लगाया गया, जो उन्हें पीठासीन अधिकारी ने मुहैया कराया था।”
कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि जिस वक्त विधायकों को मतपत्र मुहैया कराया गया था, उसी वक्त प्रत्येक विधायक को अलग-अलग कलम भी मुहैया करानी चाहिए थी और यह निर्देश देना चाहिए था कि मतपत्र पर निशान लगाने के लिए वे केवल इसी कलम का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया।
ज्ञापन के मुताबिक, “चुनाव को हाईजैक करने और भारी धांधली की साजिश रची गई, जिसकी बदौलत सुभाष चंद्रा निर्वाचित हुए, जबकि उनके पास पर्याप्त मत नहीं थे।”
जी मीडिया नेटवर्क के मालिक सुभाष चंद्रा हरियाणा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आर.के.आनंद को हराया। चंद्रा को 24 मत मिले, जबकि आनंद को 15 मत ही मिल सके। जबकि, कांग्रेस के पास 18 और अन्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल के पास 17 मत थे।
90 सदस्यों वाली विधानसभा में लगभग 14 वोटों को अमान्य घोषित कर दिया गया।
ज्ञापन के अनुसार, “यह पूरी तरह एक साजिश का मामला है। 13 मतदाताओं को मतपत्रों पर निशान लगाने के लिए एक कलम दिया गया था, ताकि मतों को अमान्य घोषित करने का आधार बनाया जा सके।”
कांग्रेस ने मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान खींचे गए सभी फोटोग्राफ व वीडियोग्राफी को संरक्षित रखा जाए और इसे रद्द कर दोबारा चुनाव कराया जाए।
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