चेन्नई, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में विपक्षी डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को कावेरी मुद्दे पर चर्चा के लिए एक ‘सर्वदलीय बैठक’ बुलाई, लेकिन राज्य के प्रमुख दलों ने इसमें भाग नहीं लिया।
डीएमके मुख्यालय में हुई इस बैठक से सत्तारूढ़ एआईएडीएमके, भाजपा, वाम दलों के साथ विजयकांत की डीएमडीके और वाइको की अगुवाई वाली एमडीएमके दूर रही।
यह पूछे जाने पर कि बैठक में बहुत सारे दलों ने भाग नहीं लिया, स्टालिन ने मीडिया से कहा, “मैंने बैठक में सभी दलों को आमंत्रित किया था। आप उनसे पूछिए कि उन्होंने क्यों भाग नहीं लिया।”
स्टालिन ने कहा कि कर्नाटक सरकार के कावेरी मुद्दे पर कड़े रुख के बाद सरकार द्वारा बैठक नहीं बुलाए जाने पर उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाई।
मुख्यमंत्री जयललिता जो अभी अस्वस्थ हैं, उन्होंने सर्वदलीय बैठक की मांग को नजरअंदाज कर दिया था।
स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार को तमिलनाडु की एकजुटता दिखाने के लिए यह महत्वपूर्ण था।
किसान संगठनों के नेताओं ने बैठक में भाग लिया। स्टालिन के आमंत्रण पर बैठक में शामिल हुए राजनीतिक दलों में कांग्रेस और आईयूएमएल शामिल थे। आईयूएमएल, डीएमके का पारंपरिक सहयोगी है।
तमिल मनीला कांग्रेस ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक में केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए तमिलनाडु विधानसभा का एक तत्काल सत्र बुलाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इसमें तमिलनाडु सरकार से किसानों ने कावेरी जल की कमी से हुए नुकसान का मुआवजा देने का भी आग्रह किया गया।
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