मेलबर्न, 3 जून (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया के टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस द्वारा शुक्रवार को रियो ओलम्पिक से अपना नाम वापस लिए जाने के बाद से ही टेनिस आस्ट्रेलिया और आस्ट्रेलिया ओलम्पिक समिति (एओसी) असमंजस मे हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एक बयान में 21 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी ने कहा कि वह अपने इस फैसले से गहन रूप से निराश हैं, लेकिन इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण एओसी का नकारात्मक रवैया है।
इस मामले में एक नया मोड़ भी आया है। टेनिस आस्ट्रेलिया ने एओसी के बजाए किर्गियोस का पूर्ण समर्थन करने का फैसला लिया है।
टेनिस आस्ट्रेलिया के अध्यक्ष स्टीव हेले ने कहा कि वह काफी निराश हैं कि किर्गियोस को मजबूरन अपना नाम रियो ओलम्पिक से वापस लेना पड़ा।
हेले ने शुक्रवार को कहा, “हम किर्गियोस के फैसले को समझते हैं और उसका पूर्ण रूप से समर्थन करते हैं, लेकिन हम काफी निराश हैं कि उन्हें इस स्थिति पर मजबूरन आना पड़ा।”
टेनिस आस्ट्रेलिया के अध्यक्ष ने कहा, “किर्गियोस के बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी हैं और वह एक उच्च दबाव वातावरण में विकास के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “जैसा कि हमने कहा कि इस वर्ष किर्गियोस के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। खेल में उनके प्रदर्शन से उनकी परिवक्वता में विकास की झलक दिख रही है।”
रियो ओलम्पिक के लिए आस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल का प्रमुख चुने गए किटी चिलर के साथ हुए विवाद के बाद उन्हें अहसास हुआ कि देश की ओलम्पिक टीम में उनकी कोई जरूरत नहीं है और उन्होंने कहा कि उनके लिए स्वर्ण पदक जीतने के अवसर को छोड़ देने का फैसला लेना आसान नहीं था।
किर्गियोस ने अपने बयान में कहा, “इस ओलम्पिक में खेलना मेरा लक्ष्य था। मैंने रियो ओलम्पिक को देखते हुए अपने टूर्नामेंट का कार्यक्रम तैयार किया था।”
विश्व के इस 19वीं वरीयता प्राप्त स्टार टेनिस खिलाड़ी ने कहा कि दुर्भाग्य से जहां एक ओर उन्होंने रियो ओलम्पिक में पदक जीतने की कोशिश को जाहिर किया, वहीं दूसरी ओर उन्हें यह बात स्पष्ट हुई कि आस्ट्रेलियाई ओलम्पिक समिति की कुछ और ही योजनाएं हैं।
पिछले माह चिलर ने सार्वजनिक तौर पर किर्गियोस का अपमान किया था। उन्होंने कहा कि विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी और उनके साथी टेनिस खिलाड़ी बर्नार्ड टॉमिक का व्यवहार हाल ही के महीनों में भयानक रहा है।
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