भुवनेश्वर, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। ओडिशा में किसानों की आत्महत्या के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता नरसिंह मिश्रा ने बुधवार को नवीन पटनायक की अगुवाई वाली सरकार को आड़े हाथों लिया।
किसानों की आत्महत्या और सरकार के बेपरवाह रवैये पर एक स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए मिश्रा ने कहा कि राज्य में फसलों को नुकसान और कर्ज के बोझ के कारण 141 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “राज्य के लिए सूखा कोई नई बात नहीं है। पहले भी कुछ किसानों ने आत्महत्या की थी, लेकिन उनकी संख्या इतनी ज्यादा नहीं थी। यह सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर बिल्कुल बेपरवाह है और वह उनकी जिंदगी बचाने में नाकाम रही है।”
किसानों की आत्महत्या पर जिलाधीश की रिपोर्ट को झूठा करार देते हुए मिश्रा ने सच्चाई का पता लगाने के लिए एक न्यायिक जांच या सदन समिति जांच की मांग की।
मिश्रा ने मृतक किसानों के परिवारों के लिए 20 लाख रुपये और सूखा प्रभावित इलाकों के लिए 20,000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हर्जाने की भी मांग की।
मिश्रा ने किसानों को एक प्रतिशत की ब्याज दर पर कृषि ऋण देने और मुफ्त बिजली देने का वादा पूरा करने में नाकाम रहने के लिए भी सरकार पर निशाना साधा।
सदन में मुख्यमंत्री से सफाई की मांग करते हुए मिश्रा ने कहा, “आपने मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। उसकी जगह किसानों को उच्च शुल्क देने को कहा गया। क्या यह सरकार की किसानों के हित की नीति है?”
मिश्रा ने स्थिति के मद्देनजर राज्य में जिला स्तर पर एक सर्वदलीय समिति गठित करने की भी मांग की ताकि कुछ सकारात्मक कदम उठाए जा सकें।
मिश्रा के मुताबिक, ऐसा कदम पीड़ित किसानों को राहत देगा।
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