उज्जैन, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की महाकाल नगरी में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से 30 अप्रैल को किसान सम्मेलन किया जाएगा। आज जब लगभग समूचा देश पानी की समस्या से ग्रसित है और किसान आत्महत्या कर रहे हैं, ऐसे में जल, जमीन और जीवन पर विचार मंथन एक नई पहल है।
संस्था के उज्जैन जोन प्रभारी पुरुषोत्तम दुबे ने बताया कि इस किसान सम्मेलन में गायत्री परिवार के जनक युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्श ग्राम को लेकर दिए विचारों को किसानों के साथ साझा किया जाएगा। बताया जाएगा कि जमीन से बिना यूरिया और कम पानी में कैसे पैदावार बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि गौ आधारित खेती से किसान के जीवन में कैसे बदलाव आ सकता है, इस पर विचार होगा। यदि कृषि को, जमीन को, अनाज आदि को बर्बाद होने से बचाना है तो गौवंश आधारित कृषि अर्थात प्राकृतिक कृषि को पुन: अपनाना अनिवार्य है।
दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में जिस गौरवा के तालाब का जिक्र आया था, उससे जुड़े देवास के जल संरक्षणवादी योगेंद्र गिरी और शांतिकुंज के जोन प्रभारी कालीचरण शर्मा जल, जमीन और जीवन की त्रिवेणी पर चर्चा करेंगे।
मीडिया संयोजक देवेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, 8 मई को यहां युवा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या तथा 12 व 13 मई को गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या राष्ट्र उत्थान के विभिन्न विषयों पर अपना व्याख्यान देंगे।
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