कुंभ मेला यूनेस्को के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में

नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। बहुसंख्यक हिंदू तीर्थयात्रियों के निष्ठा के प्रतीक-कुंभ मेला को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के प्रतिनिधि सूची में चिन्हित किया गया है।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि यूनेस्को के तहत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए अंतरसरकारी समिति ने दक्षिण कोरिया के जेजू में 12वें सत्र में कुंभ मेला को इसमें चिन्हित किया।

योग व नवरोज को उपाधि दिए जाने के बाद भारत को दो साल में तीसरी बार उपाधि मिली है।

अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए यूनेस्को कन्वेंशन 2003 में स्वीकार किया गया। इसमें अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में रूप में प्रथाओं, प्रतिनिधित्व, अभिव्यक्ति व साथ ही साथ ज्ञान व कौशल के तौर पर समुदायों, समूहों व कुछ मामलों में व्यक्तियों को उनकी सांस्कृतिक विरासत के तौर मान्यता दी गई है।

मंत्रालय के अनुसार अंतरसरकारी समिति ने कहा कि कुंभ मेला पृथ्वी पर तीर्थयात्रियों का सबसे बड़ा समागम है।

यूनेस्को ने कहा कि कुंभ मेले का आयोजन इलाहाबाद, हरिद्वार, उज्जैन व नासिक में किया जाता है। इसमें पूजा से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान भारत की पवित्र नदियों में किए जाते हैं।

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