नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार और कुछ फेरबदल करने जा रहे हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले मोदी मंत्रिमंडल में कम से कम 10 नए चेहरे शामिल किए जाने की संभावना है।
नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार और कुछ फेरबदल करने जा रहे हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले मोदी मंत्रिमंडल में कम से कम 10 नए चेहरे शामिल किए जाने की संभावना है।
नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10.30 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा। पहले 10 बजे का समय तय किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ विचार-विमर्श के बाद मंत्रियों की सूची को शनिवार शाम अंतिम रूप दिया।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मोदी से मिले। उन्होंने इस अटकल को खारिज किया कि उन्हें अब रेल मंत्रालय दिया जा रहा है। गडकरी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है कि मंत्रिमंडल में किसे रखें और किसे हटाएं।
शनिवार देर शाम तक कोई आधिकारिक जानकारी तो नहीं दी गई, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नया रक्षामंत्री नियुक्त करेंगे, क्योंकि इस मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार इस समय वित्तमंत्री अरुण के पास है।
तीन मंत्री- राजीव प्रताप रूड़ी (कौशल विकास), कलराज मिश्र (सूक्ष्म, लघु, मध्यम उपक्रम) और संजीव बाल्यान (जल संसाधन) इस्तीफ दे चुके हैं और माना जा रहा है कि लगभग आधा दर्ज मंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की है।
संभावना है कि मोदी नया रक्षा मंत्री लाने के अलावा सुरेश प्रभु को रेल मंत्रालय के बजाय पर्यावरण या कोई अन्य मंत्रालय सौंप सकते हैं। चर्चा है कि कृषि मंत्री राधामोहन सिंह को बेहतर प्रदर्शन न कर पाने के कारण पद छोड़ना पड़ सकता है।
कयास यह भी लगाया जा रहा है कि रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को प्रोन्नत कर प्रभु की जगह रेलमंत्री बनाया जा सकता है। सिन्हा की तरह ही ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। प्रधान ने शाम के समय शाह से मुलाकात की थी। इसी तरह दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा भी शाह से मिले।
जहां तक मंत्रियों की जिम्मेदारी में फेरबदल का सवाल है, नरेंद्र सिंह तोमर और स्मृति ईरानी के पास अतिरिक्त प्रभार है। ग्रामीण विकास मंत्री तोमर के पास शहरी विकास का और कपड़ा मंत्री स्मृति के पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के राज्य की राजनीति में लौटाए जाने और मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने का अनुमान है।
मोदी मंत्रिमंडल में जो नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं, उनमें भूपेंद्र यादव या ओमप्रकाश माथुर (दोनों राज्यसभा सदस्य), विनय सहस्रबुद्धे (मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य) और सत्यपाल सिंह, प्रहलाद पटेल, निशिकांत दुबे व प्रवेश वर्मा (सभी लोकसभा सदस्य) के नाम चर्चा में हैं।
अनुमान है कि कर्नाटक (कांग्रेस शासित) सहित चुनाव वाले कुछ राज्यों को मोदी मंत्रिमंडल में प्रमुखता से प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। कर्नाटक से प्रहलाद जोशी और सुरेश अंगाडी को मौका दिया जा सकता है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर भी केंद्र सरकार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
भाजपा की सहयोगी शिवसेना के राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई और एआईएडीएमके से भी एक-दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। बिहार में जद (यू) के राजग में शामिल होने के कारण इस पार्टी को भी मोदी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने हालांकि कहा है कि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव अभी तक नहीं मिला है।
कलराज मिश्र (77) ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि उनका मंत्रालय नहीं बदलेगा, क्योंकि उनके कामकाज से प्रधानमंत्री खुश हैं।
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