नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के गहराते विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि वह विश्वविद्यालय की सशक्त, वाक्पटु और रचनात्मक वैकल्पिक आवाज सुनने को तैयार है।
केंद्रीय दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां मीडिया से कहा, “जेएनयू देश का एक प्रमुख संस्थान है। वहां एक बेहद सशक्त, वाक्पटु और रचनात्मक वैकल्पिक आवाज भी है और देश उसे सुनने को उत्सुक है।”
प्रसाद ने विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व नौकरशाह, महान शिक्षाविद और सामाजिक हस्तियां दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु और जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के सह-संस्थापक मकबूल बट की बरसी के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें कथिततौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। उसके बाद जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद से विश्वविद्यालय उबाल पर है।
दिल्ली पुलिस ने पिछले गुरुवार को कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया था। उन्हें शुक्रवार को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। हालांकि उन्होंने भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप से इंकार किया है।
प्रसाद ने कन्हैया कुमार के खिलाफ लगे देशद्रोह के आरोप को भी सही ठहराया।
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