पटना, 26 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मंगलवार को कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठे लोग दूसरी पार्टी की सरकार बर्दाश्त नहीं कर पाते। उनका इशारा अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की ओर था।
मुख्यमंत्री नीतीश ने गणतंत्र दिवस के मौके पर पटना के सम्पतचक स्थित महादलित टोला में मोची समाज के एक बुजुर्ग से ध्वजारोहण करवाया। इसके बाद लोगों को संबोधित किया।
समारोह के बाद संवददाताओं ने जब अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा, “यह गलत कदम है। दरअसल केंद्र में बैठे हुए लोग दूसरे दल की सरकार को बर्दाशत नहीं कर पाते हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से अरुणाचल प्रदेश की मौजूदा सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है, जो बहुत गलत है।
ज्ञात हो कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नबाम तुकी ने सोमवार को आरोप लगाया था कि भाजपा राज्यपाल जे. पी. राजखोवा के साथ मिलकर राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश रच रही है।
सम्पतचक के महादलित टोला में एक बुजुर्ग चंद्रिका मोची से ध्वजारोहण कराने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधिन में कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित है। कानून के राज से कोई समझौता नहीं होगा। कानून का राज है और रहेगा।
राज्य में शराबबंदी की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में एक अप्रैल से शराबबंदी होगी। शराब पीने वाले अभी से शराब पीना छोड़ दें, नहीं तो अचानक छोड़ने में दिक्कत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अंतिम पायदान के लोगों के लिए काम करना सरकार की प्रतिबद्धता है। सरकार का लक्ष्य न्याय के साथ विकास है। सरकार वंचितों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयत्नशील है।”
उन्होंने कहा कि राज्य में लोक शिकायत निवारण अधिनियम बना दिया गया है। विकास की गति तेज करने के लिए ‘बिहार विकास मिशन’ का गठन भी किया गया है।
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