तिरुवनंतपुरम, 9 फरवरी (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.एस.अच्युतानंदन ने मंगलवार को सौर घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री ओमन चांडी के पारिवारिक सदस्यों के बारे में टिप्पणी की, जिसे लेकर सदन में काफी हंगामा हुआ। इस वजह से सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता अच्युतानंदन की टिप्पणी का सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया। उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की, जब विधानसभा अध्यक्ष एन. सकथन ने सौर घोटाले के सिलसिले में सामने आए नए तथ्यों पर विचार के लिए माकपा के कोडियेरी बालाकृष्णन द्वारा लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।
हंगामा उस वक्त शुरू हुआ, जब अच्युतानंदन ने सौर घोटाले की आरोपी सरिता नायर को चांडी के पारिवारिक सदस्यों के साथ जोड़ा।
हंगामे के बीच सकथन ने कार्यवाही को कुछ देर के लिए रोक दिया।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन स्थगित रहने के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं की आपस में बातचीत हुई लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई।
बाद में अच्युतानंदन ने अपना भाषण पूरा किया और कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष के इनकार पर समूचा विपक्ष उनके आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले बालाकृष्णन ने कहा कि चांडी ने सदन को गुमराह किया है। उन्होंने सदन में कुछ और कहा तथा सौर ऊर्जा घोटाले की जांच कर रहे आयोग से कुछ और कहा है।
चांडी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सदन में बातें इस निम्न स्तर तक पहुंच गई हैं।
उन्होंने कहा, “हम जांच से भाग नहीं रहे हैं। लेकिन, आप लोग केवल दो लोगों (सरिता नायर और उसके व्यावसायिक भागीदार बीजू राधाकृष्णन) के आरोपों पर सवार हैं। ऐसे दो लोग जो धोखाधड़ी के 33 और हत्या के एक मामले में वांछित हैं।”
राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सदन में कहा कि सौर घोटाले में न तो चांडी न ही किसी अन्य के खिलाफ कोई मामला है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 50 साल से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय मुख्यमंत्री को आधारहीन आरोपों की आड़ में निशाना बनाया जा रहा है।
इस बीच, सरिता नायर ने मंगलवार को जांच आयोग को एक बंद लिफाफा और पेन ड्राइव सौंपा। कहा जा रहा है कि इसमें वे सबूत हैं, जो बताते हैं कि सरिता और बीजू को चांडी सरकार से सौर पैनल के कारोबार में मदद मिली थी।
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