तिरुवनंतपुरम, 21 मई (आईएएनएस)। केरल का मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद पर पानी फिरने और बदले में केरल के ‘फिदेल कास्त्रो’ की पदवी से नवाजे जाने के एक दिन बाद वयोवृद्ध माकपा नेता वी.एस. अच्युतानंदन ने संकेत दिया है कि वह छिप कर नहीं रहेंगे।
पार्टी ने चुनाव प्रचार में अच्युतानंदन की लोकप्रियता का इस्तेमाल किया, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किया। इस संबंध में जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा तो अच्युतानंदन ने कहा, “आप प्रतीक्ष करें और देखें।”
संवाददाताओं ने जब उनसे पूछा कि अगर कोई पद मिलेगा तो संतुष्ट हो जाएंगे। इस पर अच्युतानंदन ने कहा, “जो लोग मुझे जानते हैं वे नहीं कहेंगे कि मैं पद का भूखा हूं।”
यह बात उभर कर आई है कि जिस तरह संप्रग के शासनकाल में सोनिया गांधी को संप्रग का अध्यक्ष पद दिया गया था, ठीक उसी तरह का कोई पद अच्युतानंद को देने पर माकपा विचार कर रही है।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने शुक्रवार को कहा था कि 92 वर्षीय अच्युतानंदन को बढ़ती उम्र के कारण मुख्यमंत्री बनने की इजाजत नहीं मिली। उन्होंने वयोवृद्ध नेता की तुलना मशहूर फिदेल कास्त्रो से की। येचुरी ने कहा कि अच्युतानंदन यहां नई सरकार का मार्गदर्शन करेंगे।
अच्युतानंदन ने भी कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष का सरकारी निवास छोड़ देंगे, लेकिन राजधानी में ही रहेंगे।
अच्युतानंदन ने कहा, “मैं अपनी भूमिका निभाता रहूंगा और देखूंगा कि सभी घोटाले (भूमि सौदे, सौर उर्जा और मधुशाला) जो ओमन चांडी के कार्यकाल में उजागर हुए थे, उन्हें उचित अंजाम तक पहुंचाया जाए।”
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