पारावुर (केरल), 9 अप्रैल (आईएएनएस)। दो साल पहले एक हिंदू मंदिर में हुई आतिशबाजी में 114 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद इस तरह की आतिशबाजी के दोबारा होने की कोई उम्मीद नहीं है।
पुत्तींगल देवी मंदिर के सचिव जे. मुरलीधरन ने कहा, “यह (आतिशबाजी) हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसपर राज्य सरकार द्वारा फैसला किया जाएगा।”
मंदिर परिसर में 10 अप्रैल, 2016 को मारे गए लोगों के मित्र और परिवार मंगलवार को शोक मनाने के लिए दिए जलाएंगे।
मंदिर अधिकारियों ने अगले साल से सालाना महोत्सव दोबारा से शुरू करने की योजना बनाई है।
इस दिन हुई भारी आतिशबाजी में करीब 350 लोग घायल हो गए थे। विस्फोट और ऊड़ते हुए मलबे के कारण 150 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा था।
मुरलीधरन ने कहा कि इस मामले में कुल 41 लोग गिरफ्तार हुए थे, जिसमें मंदिर के अधिकारी भी शामिल हैं। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं।
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