नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। केरल में दलित महिला जीशा की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले की जांच करने गई राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की एक समिति ने कहा है कि पुलिस ‘दबाव’ में काम कर रही है और चुनावी मुद्दों की वजह से हो सकता है कि इसकी निष्पक्ष जांच न हो।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस जघन्य घटना के पहले महिला, उसकी मां और बहन को कथित रूप से उनके पड़ोसी परेशान करते थे। लेकिन, बार-बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी।
समिति की रिपोर्ट को मंगलवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भारतीय महिला प्रेस कॉर्प्स में पढ़कर सुनाया।
मेनका गांधी ने कहा, “उन्होंने कहा था कि उनके साथ दुष्कर्म होने जा रहा है, हत्या होने जा रही है लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।”
रिपोर्ट में कहा गया है, “समिति का यह मानना है कि केरल में चुनाव हो रहा है, ऐसे में प्रशासन और पुलिस कुछ अवांछित प्रभाव में काम कर रहे हैं। ऐसी संभावना है कि चुनावी दांवपेंच की वजह से जांच उतनी कड़ाई के साथ नहीं हो पाए, जितनी होनी चाहिए।”
केरल विधानसभा का चुनाव सोमवार को संपन्न हुआ है।
एनसीडब्ल्यू की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समिति ने नौ मई को ही पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त को अपनी चिंता से अवगत करा दिया था।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भी एक पत्र भेजा गया है। उसमें ठीक चुनाव के समय केरल की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता और उसके परिवार को अक्सर उसके पड़ोसी परेशान करते थे। इस बारे में पीड़िता की मां ने अपने एक पड़ोसी पर आरोप भी लगाया था।
उसकी मां ने पुलिस प्रशासन के पास संभावित खतरे को लेकर रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीड़िता की मां की कई मौकों पर स्थानीय पंचायत नेता के करीबी रिश्तेदार से लड़ाई भी हुई थी। वह रिश्तेदार वाम मोर्चे से जुड़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने उस व्यक्ति से पूछताछ नहीं की। वह रसूख वाला और राजनीतिक पहुंच वाला लगता है। इससे पुलिस पर संदेह की अंगुली उठती है।
28 अप्रैल को 27 वर्षीया जीशा की एर्नाकुलम के पेरंबावूर में लाश बुरी हालत में मिली थी। अपराध की बर्बरता को देखते हुए उसकी तुलना वर्ष 2012 में दिल्ली के निर्भया कांड से की जा रही है।
dharmpath.com dharmpath