तिरुवनंतपुरम, 6 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के रहने वाले एक नागरिक को 200 करोड़ रुपये के नर्स भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए गुरुवार को अबुधाबी में गिरफ्तार किया गया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि एम. वर्गीस उथुप (48) को इंटरपोल के अधिकारियों ने सयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों की मदद से गिरफ्तार किया। इंटरपोल ने जुलाई महीने में उसका नाम वांछित सूची में शामिल किया था।
सीबीआई के एक अधिकारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया, “आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन उसे केरल लाने से पहले बहुत सी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करना बाकी है। इससे एक सप्ताह का समय लग सकता है और उसके बाद ही उसे कोच्चि लाया जा सकेगा, जहां यह आपराधिक मामला दर्ज है।”
केरल उच्च न्यायालय ने जून महीने में उथुप की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद से सीबीआई, अधिकारियों की सहायता से उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद मांग रहे थे।
उथुप यूएई में ट्रैवेल एजेंसी चलाता था और सीबीआई की पेशी में गैरहाजिर रहने के बाद से वह फरार था और यूएई एवं कुवैत में छिपता रहा था।
केरल उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, लेकिन सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं है, क्योंकि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला था।
उथुप पर धोखाधड़ी और एक लोक सेवक के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने, भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत आपराधिक गतिविधि में संलिप्त रहने और प्रवासियों से अतिरिक्त सेवा शुल्क वसूलने के मामले दर्ज हैं।
उथुप की केरल स्थित प्लेसमेंट एजेंसी पर भारतीय नर्सो को कुवैत में रोजगार दिलाने के बदले उनसे 19.5 लाख रुपये वसूलने के आरोप हैं, जबकि इस काम के लिए सेवा कर 19,500 रुपये है।
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