केरल निकाय चुनाव में वाम मोर्चा जीत की ओर (लीड-2)

तिरुवनंतपुरम, 7 नवंबर (आईएएनएस)। केरल में निकाय चुनाव के लिए शनिवार को हो रही मतगणना के अब तक के रुझानों में वाम मोर्चा तेजी से आगे बढ़ रहा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पीछे है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी इस बार बेहतर प्रदर्शन करती दिख रही है।

दोपहर तक के रुझान के अनुसार, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 507 ग्राम पंचायतों में आगे है। यूडीएफ 379, जबकि भाजपा 16 और अन्य 15 में आगे चल रहे हैं। राज्य में 941 ग्राम पंचायतें हैं।

नगर पालिका स्तर की मतगणना के रुझानों से स्पष्ट है कि एलडीएफ 44 और यूडीएफ 31 और भाजपा सिर्फ एक नगरपालिका में आगे है।

वहीं सात नगर निगमों में एलडीएफ ने दो और यूडीएफ ने एक नगर निगम में जीत दर्ज कराई है, जबकि तीन नगर निगमों में त्रिशंकु है।

2010 के निकाय चुनावों में यूडीएफ ने 65 फीसदी सीटें जीती थीं।

वाम मोर्चा के स्टार प्रचारक व विपक्ष के नेता वी.एस. अच्युतानंदन ने कहा कि उनके मोर्चे की जीत मुख्यमंत्री ओमन चांडी के ‘मुंह पर एक तमाचा है।’

अच्युतानंदन ने कहा, “लोगों ने इस सरकार के भ्रष्ट तरीकों को करारा जवाब दिया है। चांडी ने जनविरोधी नीतियां अपनाईं और साथ ही अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की राजनीति खेली। सिर्फ वाम ही तानाशाही ताकतों को सिर उठाने से रोक सकता है और इसलिए लोगों ने हमें वोट दिया।”

सुदूर दक्षिणी राज्य में यह वाम मोर्चा की धमाकेदार वापसी है।

वर्ष 2010 के निकाय चुनावों में वाम मोर्चा को पांच में से तीन नगर निगमों में जीत मिली थी। वहीं नगर पालिका, जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने जीत हासिल की थी।

इस बार केरल निकाय चुनाव के तहत 86 नगर पालिकाओं और छह नगर निगमों के अलावा 941 गांवों, 152 ब्लॉकों और 14 जिला पंचायतों की 21,871 सीटों पर चुनाव हुआ है।

शनिवार को तेजी से सामने आए चुनाव परिणाम में वाम मोर्चा विपक्ष कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ यूडीएफ को राज्य में त्रिस्तरीय स्थानीय निकाय चुनाव के सभी खंडों में मात देने में सफल होता दिख रहा है।

हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वी.एम. सुधीरन ने कहा है कि नतीजे दिखाते हैं कि यूडीएफ की पकड़ उतनी ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है।

सुधीरन ने कहा, “लेकिन फिर भी हमें इसकी उम्मीद नहीं थी, लेकिन हमारी पकड़ अछूती है। हां, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में (जहां यह भाजपा के बाद तीसरे स्थान पर आ गई है) हमें भारी नुकसान उठाना पड़ा है।”

उधर, केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने कहा कि यह लोगों की ओर से हमें दिया गया एक चेतावनी संकेत है।

चेन्नीथला ने कहा, “2006 के विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चा को मिली जीत के बाद से हम राज्य में प्रत्येक चुनाव जीतते आ रहे हैं और इसलिए हमें हार के वजह की बहुत ज्यादा पड़ताल करनी होगी।”

इस निकाय चुनाव में भाजपा को खुश होने की एक वजह मिल गई है, क्योंकि वह 34 सीटें जीतकर कांग्रेस को तीसरे स्थान पर धकेलते हुए तिरुवंनतपुरम नगर निगम में दूसरे स्थान पर आ गई है। कांग्रेस को महज 21 सीटें मिली हैं और वाम ने अब तक 42 सीटें जीती हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी. मुरलीधरन ने कहा, “छोटे स्तर पर ही सही, मगर भाजपा का ऐसा प्रदर्शन अद्भुत घटना है।”

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