तिरुवनंतपुरम, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई ने मंदिर हादसे की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की शनिवार को मांग की। कोल्लम जिले के पुत्तिंगल देवी मंदिर में अवैध ढंग से की गई आतिशबाजी के कारण गत रविवार तड़के हुए हादसे में 114 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 350 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
मंदिर हादसे के मामले में 13 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें सात मंदिर के पदाधिकारी हैं और आतिशबाजी के ठेकेदार के छह कर्मचारी हैं। इन सभी को शनिवार को कोल्लम जिला अदालत में पेश किया, जहां से सभी को 20 अप्रैल तक अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया गया।
भाजपा ने पेरावुर शहर में हफ्ते भर पहले हुए इस हादसे की इन एजेंसियों के जरिए जांच की मांग इसलिए की है, क्योंकि उसे इसके पीछे कुछ गड़बड़ी की आशंका है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कुम्मानम राजशेखरन ने संवाददताओं को संबोधित करते हुए शनिवार को कहा, “केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को यह जांच करने को कहा है कि इसके पीछे कहीं राष्ट्र विरोधी तत्वों का तो हाथ नहीं है, इससे यह मामला और गंभीर हो जाता है।”
राजशेखरन ने कहा, “न्यायालय ने जिस दृष्टिकोण से जांच करने का संकेत दिया है, उस लिहाज से महज अपराध शाखा की जांच पर्याप्त नहीं होगी। ऐसी चीजों की जांच केवल सीबीआई या शायद एनआईए ही करने में समर्थ होगी।”
यहां यह उल्लेखनीय है कि इतनी मात्रा में विस्फोटक मंदिर स्थल तक पहुंचा कैसे? ऐसा तब हुआ, जब इस तरह की चीजों को रखने के बारे में बिल्कुल स्पष्ट दिशा-निर्देश है। यह विडंबना है कि अधिकारी इस पर मौन हैं।
हादसे वाले दिन प्रधानमंत्री के उस जगह पर पहुंचने पर जिस तरह से सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिक्रिया जताई थी, उस पर भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जमकर बसरे।
उन्होंने कहा कि यह विचित्र बात है कि मोदी की यात्रा पर राज्य के पुलिस प्रमुख एवं स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी ने टिप्पणी की थी कि इसके कारण मरीजों को बहुत परेशानी हुई।
अदालत ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि मंदिर के पदाधिकारियों में कोई भी जरा भी नहीं जला था।
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